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कपूरथला नगर निगम को RTI में टालमटोल करना पड़ा भारी ...

- राज्य सूचना आयोग ने 7 अलग-अलग मामलों में PIO के जारी किए जमानती वारंट  

- 3 साल से सूचना न देने पर आयोग सख्त, 07 अक्टूबर 2026 को व्यक्तिगत उपस्थिति के निर्देश 

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला     

कपूरथला नगर निगम क्षेत्र में फैले कथित अतिक्रमण और जुलाई 2022 में नाले में गिरकर एक मासूम बच्चे की हुई दर्दनाक मौत से जुड़ी आरटीआई सूचनाओं को दबाना और लगातार टालमटोल करने की नीति अपनाना निगम अधिकारियों को अब भारी पड़ गया है। जिस क्रम में पंजाब राज्य सूचना आयोग (PSIC) ने निगम कपूरथला की इस कार्यप्रणाली और बार-बार चेतावनियों को नजरअंदाज करने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए राज्य सूचना आयुक्त पूजा गुप्ता की अदालत ने निगम के जन सूचना अधिकारी (PIO) सह एक्सईएन (XEN) हरप्रीत सिंह के खिलाफ 7 अलग - अलग मामलों में जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं।

- पढ़े क्या है पूरा मामला ... 

ह्यूमन राइट्स प्रैस क्लब पंजाब के अध्यक्ष की ओर से नगर निगम कपूरथला में सितंबर 2023 में आरटीआई के जरिए कई अहम जानकारियां मांगी गई थीं। इनमें शहर में बेकाबू हो रहे अवैध अतिक्रमणों की स्थिति और जुलाई 2022 में एक निर्दोष बच्चे की खुले नाले में गिरकर हुई मौत की जांच व लापरवाही से जुड़े सवाल शामिल थे।

सितंबर 2023 में दाखिल आरटीआई के बावजूद जब नगर निगम ने कोई जवाब नहीं दिया, तो संस्था द्वारा प्रथम अपीलीय अथॉरिटी (First Appellate Authority) यानी नगर निगम कमिश्नर के समक्ष अपील दायर की गई, लेकिन वहां से भी कोई राहत या जानकारी नहीं मिली। अधिकारियों की इस घोर लापरवाही और सूचना छिपाने की मंशा के खिलाफ संस्था ने राज्य सूचना आयोग, चंडीगढ़ का रुख किया। संस्था के अध्यक्ष की तरफ से कुल 12 अपीलें स्टेट इंफॉर्मेशन कमीशन में चल रही हैं, जिनमें से आरटीआई कमिश्नर पूजा गुप्ता की कोर्ट में विचाराधीन 7 अपीलों में सीनियर एक्सईएन हरप्रीत सिंह के जमानती वारंट जारी हुए हैं।

सातों अपीलों का विवरण और आयोग का कड़ा रुख:

माननीय सूचना आयुक्त पूजा गुप्ता की अदालत ने निम्नलिखित सभी सातों अपीलों पर एक साथ कड़ा रुख अपनाते हुए वारंट जारी किए हैं:

 - अपील केस नं. 2196 of 2025: सूचना न देने व गैरहाजिरी पर जमानती वारंट जारी।

 - अपील केस नं. 2195 of 2025: आयोग के आदेशों की अवहेलना पर जमानती वारंट जारी।

 - अपील केस नं. 2198 of 2025: लगातार अनुपस्थित रहने पर जमानती वारंट जारी।

 - अपील केस नं. 2199 of 2025: टालमटोल रवैये के चलते जमानती वारंट जारी।

 - अपील केस नं. 2200 of 2025: लिखित जवाब न पेश करने पर जमानती वारंट जारी।

 - अपील केस नं. 2426 of 2025: बार-बार नोटिस के बाद भी पेश न होने पर वारंट जारी।

 - अपील केस नं. 2427 of 2025: आरटीआई कानून के उल्लंघन पर जमानती वारंट जारी।

मामले में 12 मई 2026 को आयोग ने कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर पीआईओ को 7 जुलाई 2026 को स्वयं हाजिर होने का आदेश दिया था। इसके बावजूद पीआईओ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए और ईमेल के जरिए बहाना बनाकर स्थगन मांगा। आयोग ने इसे आदेशों का उल्लंघन मानते हुए पीआईओ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी कर दिए और अगली सुनवाई 07 अक्टूबर 2026 तय की है।

धारा 4 (स्वतः प्रकटीकरण) के उल्लंघन पर निदेशक को आदेश ...

राज्य सूचना आयोग ने सुनवाई के दौरान यह भी पाया कि नगर निगम कपूरथला अपने कार्यालय में पीआईओ और प्रथम अपीलीय अधिकारी के नाम व संपर्क नंबर का बोर्ड तक नहीं लगा सका है, जो आरटीआई एक्ट की धारा 4 के तहत अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए आयोग ने आदेश की प्रति निदेशक, स्थानिक सरकार विभाग (Director, Local Government), पंजाब को भेजकर राज्य के सभी निगम कार्यालयों में धारा 4 का पालन सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं।

- संस्था के लीगल एडवाइजर क्या कहते है .... 

ह्यूमन राइट्स प्रैस क्लब के लीगल एडवाइज़र TS ढिल्लो ने कहा कि "नगर निगम कपूरथला के अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर में अतिक्रमण का जाल बिछ चुका है और एक मासूम बच्चे को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। जब हमारी संस्था के अध्यक्ष जी की तरफ से कानून के दायरे में आकर सवाल पूछे गए तो तीन साल तक फाइलें दबाई गईं और आयोग में भी तारीख पर तारीख का खेल खेला गया। संस्था की तरफ से दायर कुल 12 अपीलों में से मानयोग कमिश्नर पूजा गुप्ता की कोर्ट में चल रही 7 अपीलों में जमानती वारंट जारी होना यह साबित करता है कि अधिकारी कानून से ऊपर नहीं हैं और उन्हें जनता के प्रति जवाबदेह होना ही पड़ेगा।" 

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