14वीं राष्ट्रीय ड्रैगन बोट चैंपियनशिप 'पंजाब की टीम बाहर होने के कगार पर ....
- 150 से ज्यादा खिलाड़ी ठंड में करते रहे अभ्यास : रोपड़ पहुंचने पर बिना सूचना के ट्रायल स्थगित
- संत सीचेवाल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 6 से 9 जनवरी 2026 तक होने वाली 14वीं राष्ट्रीय ड्रैगन बोट चैंपियनशिप में भाग लेने में पंजाब की टीम प्रबंधकों की लापरवाही का शिकार हो गई है। पंजाब के खिलाड़ियों के साथ हुए बड़े धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पंजाब टीम का चयन करने के लिए रोपड़ में 22 से 24 दिसंबर 2025 के बीच ट्रायल आयोजित किए गए थे। जानकारी के अनुसार, यह ट्रायल प्रबंधकों की आपसी तकरार के कारण अचानक बिना किसी सूचना के स्थगित कर दिए गए, जिससे सैकड़ों खिलाड़ी मुश्किल में फंस गए हैं।
राज्य सभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने मुख्यमंत्री पंजाब को पत्र लिखकर इन खिलाड़ियों को न्याय दिलाने और पंजाब की टीम को इस चैंपियनशिप में भेजने की सिफारिश की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि ट्रायल रद्द करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि खिलाड़ियों की मेहनत से हुए इस धोखाधड़ी का न्याय हो सके।
ट्रायल से लौटे खिलाड़ियों और कोचों के अनुसार, पंजाब टीम अभी भी इस चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए जा सकती है। संत सीचेवाल ने कहा कि कश्तियों के कोच ने उन्हें बताया कि कुछ कारणों से पंजाब की टीम राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले पा रही है।
सुलतानपुर लोधी में वाटर स्पोर्ट्स सेंटर के कोच अमदीप सिंह खैहरा ने बताया कि उन्होंने खिलाड़ियों को बहुत अभ्यास कराया था, लेकिन जब ठंड के बावजूद पंजाब के विभिन्न जिलों से 150-200 खिलाड़ी अपने खर्च पर रोपड़ पहुंचे, तो वहां न तो कोई ट्रायल हुआ और न ही कोई नई तारीख दी गई।
उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि इस मामले में कोई भी संबंधित अधिकारी या फेडरेशन जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। जब संत सीचेवाल ने अधिकारियों से इस मुद्दे पर फोन पर बात की, तो उन्होंने कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। प्रबंधकों की इस लापरवाही के कारण पंजाब भर के खिलाड़ियों में निराशा का माहौल बन गया है।
कोच खैहरा ने बताया कि ये वही खिलाड़ी थे जिन्होंने 13वीं राष्ट्रीय ड्रैगन बोट चैंपियनशिप (दिल्ली) में पंजाब के लिए 5 सोने, 8 चांदी और 10 कांस्य पदक जीतकर ओवरऑल दूसरे स्थान पर रहे थे। इस बार भी खिलाड़ियों ने ठंड में पानी में उतरकर कड़ी मेहनत की थी, लेकिन अब टीम ना भेजे जाने के डर से रोष और निराशा का माहौल फैल गया है।



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