ब्रेकिंग न्यूज़

करवा चौथ पर विशेष-- पढ़े पूजा का समय, कब होगा चंद्रोदय ....

- ज्योतिषाचार्य घनश्याम पांडेय ने सुहागिन महिलाओं को विधि-विधान से पूजा करने की दी सलाह 

- शाम 5:42 से 7 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त, रात 8:16 बजे होगा चंद्रोदय  

खबरनामा इंडिया बबलू, कपूरथला, पंजाब    

सुहागिन महिलाओं के प्रमुख पर्व करवा चौथ का व्रत इस वर्ष 29 अक्टूबर, वीरवार को रखा गया है। जिसमे विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती है। ज्योतिषाचार्य घनश्याम पांडेय के अनुसार, कपूरथला में करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 42 मिनट से शाम 7 बजे तक रहेगा, जबकि चंद्रोदय रात लगभग 8 बजकर 16 मिनट पर होने की संभावना है। 

ज्योतिषाचार्य घनश्याम पांडेय ने बताया कि करवा चौथ का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद व्रत का संकल्प लेती हैं। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा की जाती है। इसके साथ ही करवा चौथ की व्रत कथा सुनने और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करने की परंपरा है। 

उन्होंने बताया कि पूजा के दौरान करवा, जल, दीपक, रोली, अक्षत, फूल और मिठाई सहित आवश्यक पूजन सामग्री रखनी चाहिए। पूजा के समय परिवार की परंपरा के अनुसार व्रत कथा सुनकर पति की लंबी आयु और दांपत्य जीवन में सुख-शांति की कामना करनी चाहिए। 

चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद खोलें व्रत ... 

ज्योतिषाचार्य घनश्याम पांडेय ने बताया कि करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व है। चंद्रमा के उदय होने पर महिलाएं छलनी से चंद्रमा और फिर अपने पति के दर्शन करती हैं। इसके बाद चंद्रमा को जल अर्पित कर पूजा की जाती है और पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत खोला जाता है। 

उन्होंने कहा कि महिलाएं पूजा और चंद्रोदय के समय को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियां पूरी कर लें। मौसम में बादल होने के कारण चंद्रमा दिखाई देने में देरी हो सकती है। इसलिए स्थानीय चंद्रोदय के समय का ध्यान रखना चाहिए। अलग-अलग स्थानों पर चंद्रोदय के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। 

ज्योतिषाचार्य घनश्याम पांडेय ने सभी सुहागिन महिलाओं को करवा चौथ की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखी वैवाहिक जीवन, परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। 

No comments