कपूरथला RCF में रेल कर्मचारियों का राष्ट्रीय रोष प्रदर्शन .....
- कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ उठाई आवाज
- PLB में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने, OPS बहाल करने और खाली पद भरने समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
इंडियन रेलवे एम्प्लाइज फेडरेशन के केंद्रीय आह्वान पर RCF Employees Union द्वारा राष्ट्रीय रोष प्रदर्शन आयोजित किया गया। RCF कारखाना परिसर के मुख्य द्वार पर बड़ी संख्या में रेल कर्मचारियों ने एकत्रित होकर केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन की नीतियों के खिलाफ रोष जताया तथा अपनी विभिन्न लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मांग की कि प्रोडक्शन लिंक्ड बोनस (PLB) का भुगतान 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप किया जाए। कर्मचारियों का कहना था कि मौजूदा व्यवस्था के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा 8वें वेतन आयोग के गठन और उसकी प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग भी रखी गई।
कर्मचारी नेताओं ने IREF को BMS की तर्ज पर रेलवे बोर्ड में पूर्ण मान्यता देने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने तथा NPS और UPS को समाप्त करने की मांग उठाई। इसके साथ ही रेलवे में सुरक्षा और परिचालन से जुड़े लंबे समय से खाली पड़े पदों को जल्द भरने पर भी जोर दिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने रेलवे में निजीकरण, PPP, FDI, ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग की नीतियों का विरोध करते हुए RLDA के माध्यम से रेलवे की जमीन और संपत्तियों को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया रोकने की मांग की। वहीं लंबे समय से लंबित टेक्नीशियन कैडर पुनर्गठन को शीघ्र लागू करने तथा चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारियों ने बुजुर्ग माता-पिता को परिवार का अभिन्न हिस्सा मानते हुए उन्हें रेलवे पास और मेडिकल सुविधाएं देने की मांग भी रखी।
सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए RCF Employees Union के अध्यक्ष अमरीक सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की कई जायज मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और रेलवे प्रशासन ने इन मुद्दों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
कार्यकारी अध्यक्ष मंजीत सिंह बाजवा ने रेलवे की संपत्तियों के निजीकरण और खाली पदों को न भरने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों और रेलवे के सार्वजनिक स्वरूप की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
संगठन सचिव भरत राज ने कर्मचारियों से एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि IREF और RCFEU के साझा मंच से रेल कर्मचारियों की मांगों को मजबूती से उठाया जाएगा।
वहीं IRTSA के जोनल सचिव जगतार सिंह ने तकनीकी वर्ग और पर्यवेक्षकों के कैडर पुनर्गठन में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने 7वें वेतन आयोग के अनुरूप बोनस की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि IREF के देशव्यापी आह्वान के साथ रेल कर्मचारी एकजुट हैं।
प्रदर्शन के अंत में कर्मचारी नेताओं और कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि मांगों का स्थायी समाधान होने तक IREF के बैनर तले संघर्ष जारी रखा जाएगा। प्रदर्शन को सफल बनाने में IRTSA के सदस्यों ने भी सहयोग दिया।
Reviewed by khabarnamaindia
on
September 23, 2026
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