कपूरथला में फूड सेफ्टी विंग की बड़ी कार्रवाई ...
- पनीर-दूध समेत 6 खाद्य पदार्थों के भरे सैंपल
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, पंजाब के कमिश्नर कमलप्रीत बराड़, DC कपूरथला आकाश बंसल और सिविल सर्जन डॉ. राजीव पराशर के निर्देशों पर जिले में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।
इसी अभियान के तहत फूड सेफ्टी विंग, कपूरथला की टीम ने फगवाड़ा क्षेत्र में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों की गहन जांच की। अभियान का नेतृत्व सहायक कमिश्नर (फूड) डॉ. हरजोत पाल सिंह ने किया, जबकि फूड सेफ्टी अधिकारी महक सैनी भी टीम में शामिल रहीं।
चेकिंग के दौरान टीम ने विभिन्न हलवाइयों, ढाबों, किराना दुकानों, फल-सब्जी विक्रेताओं और खाद्य सामग्री की सप्लाई करने वाले वाहनों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य व्यापार संचालकों से कुल 6 सैंपल लिए गए, जिनमें पनीर, दूध, तेल, पपीता और चीनी सहित अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं।
सभी सैंपल जांच के लिए स्टेट फूड लेबोरेटरी भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी सैंपल में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
DC आकाश बंसल ने सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों से अपील की कि वे खाद्य पदार्थों में केवल अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल करें। उन्होंने दुकानों और किचन में साफ-सफाई बनाए रखने तथा तैयार खाद्य सामग्री को ढककर रखने की हिदायत दी, ताकि लोगों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।
फूड सेफ्टी टीम ने मौके पर मौजूद दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों को विशेष रूप से निर्देश दिए कि दुकानों एवं किचन में स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही कच्चा माल और अन्य खाद्य सामग्री केवल पक्के बिल के साथ खरीदी जाए, ताकि किसी भी खाद्य वस्तु के स्रोत का पता आसानी से लगाया जा सके।
दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार के आर्टिफिशियल अथवा बिना अनुमति वाले रंगों का इस्तेमाल न किया जाए। मिठाइयां एवं अन्य खाद्य पदार्थ तैयार करने के लिए साफ और सुरक्षित पानी का ही इस्तेमाल किया जाए।
अधिकारियों ने सभी फूड व्यापारियों को उनके वार्षिक कारोबार के अनुसार FSSAI लाइसेंस अथवा रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए भी प्रेरित किया। टीम ने स्पष्ट किया कि बिना आवश्यक लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के खाद्य कारोबार करना कानूनी उल्लंघन है।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जिम्मेदारी संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर की होगी। आने वाले दिनों में भी जिले में चेकिंग अभियान जारी रहेगा और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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