RCFEU ने रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य के समक्ष उठाई कर्मचारियों की समस्याएं ...
- इंसेंटिव कटौती और खाली पदों पर जताई कड़ी नाराजगी
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री के दौरे पर पधारे रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य (प्रोडक्शन यूनिट) सुनील कुमार के साथ RCFEU और अन्य सहयात्री संगठनों की एक उच्चस्तरीय एवं बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने RCF कर्मियों के हितों और अधिकारों से जुड़े गंभीर मुद्दों को अधिकारियों के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाया।
प्रतिनिधिमंडल में RCFEU के अध्यक्ष अमरीक सिंह, महासचिव सरबजीत सिंह, अतिरिक्त महासचिव अमरीक सिंह, कोषाध्यक्ष हरविंदर पाल, कार्यकारी अध्यक्ष मनजीत सिंह बाजवा, IRTSA के जोनल अध्यक्ष दर्शन लाल, सचिव जगतार सिंह, इंजीनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश सिंह तथा सचिव बक्शीश सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे।
बैठक के दौरान मुख्य रूप से जुलाई माह के कम आए इंसेंटिव के मुद्दे पर तीखा विरोध दर्ज कराया गया। यूनियन ने स्पष्ट किया कि एचएल-3 कोच के कन्वर्जन और मटेरियल संकट जैसी प्रशासनिक चुनौतियों के कारण कर्मचारियों के इंसेंटिव में 60 से 70 प्रतिशत तक की भारी कटौती की जा रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
RCFEU जुलाई माह के इस कम आए इंसेंटिव के विरोध में लगातार संघर्षरत है। पिछले दो दिनों तक चली पीएनएम (PNM) मीटिंग और आज रेलवे बोर्ड के मेंबर के साथ हुई इस विस्तारित चर्चा के बाद भी यूनियन बोर्ड के रुख से संतुष्ट नहीं है और कर्मचारियों के हक में अपने संघर्ष को आगे भी जारी रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
इसके अलावा बैठक में आरसीएफ में वर्षों से खाली पड़े 2000 से अधिक पदों पर तत्काल नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, कर्मचारियों के वर्क-लाइफ बैलेंस हेतु 'फाइव-डे वीक' लागू करने, पीएलबी (PLB) बोनस की गणना सातवें वेतन आयोग के नियमों के अनुसार करने तथा आईआरईएफ (IREF) को रेलवे बोर्ड में आधिकारिक मान्यता दिए जाने जैसे अहम मामले मजबूती से रखे गए। रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना, हालांकि यूनियन ने दो टूक स्पष्ट कर दिया है कि जब तक कर्मचारियों की समस्याओं का न्यायसंगत समाधान नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।



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