कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर RCFEU का संघर्ष जारी ...
- डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर जोरदार रोष प्रदर्शन
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण एवं लंबित मुद्दों को लेकर RCFEU का संघर्ष लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज 24 अगस्त को RCF के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर RCFEU के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने एकत्रित होकर जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपने हक-अधिकारों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद की। यूनियन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लंबे समय तक लंबित रखना और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर RCFEU के प्रधान अमरीक सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आरसीएफ में लंबे समय से खाली पड़े 2043 पदों को तत्काल भरा जाए, ताकि कर्मचारियों पर बढ़ रहे अतिरिक्त कार्यभार को कम किया जा सके और उत्पादन कार्य सुचारु रूप से चल सके। उन्होंने कहा कि RCF के उत्पादन लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार नई पोस्टें भी सृजित की जानी चाहिए, क्योंकि बढ़ते उत्पादन के अनुरूप पर्याप्त मानवशक्ति उपलब्ध करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
प्रधान अमरीक सिंह ने कर्मचारियों को समय पर और पर्याप्त इंसेंटिव उपलब्ध करवाने की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई। उन्होंने कहा कि कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में अतिरिक्त मेहनत करके उत्पादन लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए उनके इंसेंटिव में किसी भी प्रकार की अनुचित कटौती या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने RCF में पर्याप्त मात्रा में और समय पर मैटीरियल उपलब्ध करवाने की मांग करते हुए कहा कि यदि उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं तो उन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक मैटीरियल और संसाधन उपलब्ध करवाना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। मैटीरियल की कमी का खामियाजा कर्मचारियों पर नहीं डाला जा सकता।
इसके साथ ही यूनियन ने RCF की 147 पोस्टों (2 प्रतिशत) को समाप्त करने के निर्णय को वापस लेने की मांग प्रमुखता से उठाई। यूनियन ने कहा कि पोस्टों को समाप्त करने के बजाय RCF की उत्पादन क्षमता और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए कर्मचारियों की संख्या एवं पदों में बढ़ोतरी की जानी चाहिए और री-अंगेजमेंट नीति माध्यम से व्यवस्था चलाना कर्मचारियों के हित में नहीं है। यूनियन कर्मचारियों के स्थायी रोजगार, सम्मानजनक सेवा शर्तों और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ संघर्ष करेगी।
RCFEU के महासचिव सर्वजीत सिंह ने पीएनएम बैठक के दौरान प्रशासन के समक्ष कर्मचारियों से जुड़े इन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को स्पष्ट एवं मजबूती से रखा था। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में कहा था कि यदि इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यूनियन अपने संघर्ष को और तेज करने के लिए मजबूर होगी। कर्मचारियों के हक-अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यूनियन किसी भी दबाव में कर्मचारियों के हितों से समझौता नहीं करेगी। यदि कर्मचारियों की जायज मांगों का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा।
आज का प्रदर्शन केवल शुरुआत है। यूनियन कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएगी और प्रशासन को कर्मचारियों की आवाज सुनने के लिए मजबूर किया जाएगा।
यूनियन ने घोषणा की कि 25 अगस्त को भी डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर जोरदार नारेबाजी एवं रोष प्रदर्शन किया जाएगा और जब तक कर्मचारियों से जुड़े सभी जायज मुद्दों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक RCFEU का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
RCFEU ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष को और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।



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