कपूरथला में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ-लैब अगले महीने से शुरू ....
- दो मंजिला इमारत का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, एक ही छत के नीचे मिलेंगी कई तरह के विशेष जांचों की सुविधाएं
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
कपूरथला के सरकारी अस्पताल में 1.25 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की जा रही इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब से जिले के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। प्रयोगशाला की इमारत का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और यह लैब अगले महीने से कार्यशील हो जाएगी।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत स्थापित की जा रही यह दो मंजिला इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब लगभग 5,000 वर्ग फुट में फैली होगी, जिसमें ग्राउंड और पहली मंजिल पर 2,500-2,500 वर्ग फुट जगह होगी। इस अत्याधुनिक सुविधा की दोनों मंजिलों पर महत्वपूर्ण डायग्नोस्टिक सेक्शन होंगे।
ग्राउंड फ्लोर पर हीमेटोलॉजी और बायोकैमिस्ट्री, पीसीआर रूम, मास्टर मिक्स रूम, एक्सट्रैक्शन रूम, मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक वायरोलॉजी, कोल्ड रूम, सैंपल कलेक्शन, स्टोर, डोनिंग और डॉफिंग एरिया के साथ-साथ अन्य सहायक सुविधाएं शामिल होंगी। पहली मंजिल पर साइटोलॉजी और सीरोलॉजी, कल्चर मीडिया, माइकोबैक्टीरियोलॉजी, बैक्टीरियोलॉजी, वॉशिंग और स्टेरलाइजिंग सुविधाएं तथा क्लिनिकल पैथोलॉजी लैबोरेटरी के साथ स्टाफ और अन्य सहायक क्षेत्र होंगे।
डिप्टी कमिश्नर आकाश बांसल ने बताया कि इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की स्थापना से जिले के निवासियों को मिलने वाली डायग्नोस्टिक सेवाओं में बड़ा सुधार होगा। एक ही स्थान पर कई तरह के विशेष टेस्ट और लैबोरेटरी सेवाएं उपलब्ध होने से मरीजों को विभिन्न जांचों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं भटकना पड़ेगा, जिससे उनके कीमती समय, मेहनत और पैसे की बचत होगी। उन्होंने आगे कहा कि यह सुविधा लोगों के नजदीक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और व्यापक लैबोरेटरी सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से स्थापित की जा रही है। इसके शुरू होने से बीमारियों की निगरानी, समय पर जांच और प्रभावी जनस्वास्थ्य कदमों के लिए जिला स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता भी मजबूत होगी।
सिविल सर्जन डॉ. राजीव पराशर ने बताया कि इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब संक्रामक और अन्य बीमारियों की पहचान, बीमारियों के फैलने की तेजी से जांच, बैक्टीरिया, वायरस आदि के लिए माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्टिंग और पीसीआर आधारित जांचों सहित हीमेटोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री और मॉलिक्यूलर टेस्ट की श्रृंखला की सुविधा प्रदान करके सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों को महत्वपूर्ण डायग्नोस्टिक सहायता भी प्रदान करेगी, जिससे बीमारियों की जल्द पहचान, समय पर उपचार, बीमारियों की निगरानी और प्रभावी जनस्वास्थ्य प्रयासों के लिए जिले की क्षमता मजबूत होगी।
कार्यकारी इंजीनियर विशाल जंगराल ने बताया कि निर्माण कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और सितंबर के मध्य तक इमारत के पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा। किसी भी तरह की सहायता के लिए जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर 01822-233777 पर संपर्क किया जा सकता है।



.jpg)







.jpeg)














No comments