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कपूरथला में मिठाई की दुकानों पर फ़ूड सेफ्टी विभाग की छापेमारी ...

- रक्षाबंधन को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी कर 8 सैंपल भरे 

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला   

रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार को देखते हुए कपूरथला जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फूड सेफ्टी विंग की ओर से विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन पंजाब की कमिश्नर कमलप्रीत बराड़ और DC आकाश बंसल के निर्देशों पर चलाया गया।

DC आकाश बंसल ने जिले के सभी फूड कारोबारियों से अपील की कि वे खाद्य पदार्थ तैयार करने में केवल अच्छी गुणवत्ता वाले कच्चे माल का इस्तेमाल करें। उन्होंने दुकानों और किचन में साफ-सफाई रखने तथा तैयार खाद्य सामग्री को ढककर रखने की हिदायत दी, ताकि लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें।

वहीँ सिविल सर्जन डॉ. राजीव पराशर की देखरेख में चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व असिस्टेंट कमिश्नर (फूड) डॉ. हरजोत पाल सिंह ने किया। फूड सेफ्टी ऑफिसर रमन विरदी भी टीम में शामिल रहे। टीम ने नडाला, बेगोवाल और भोलथ क्षेत्र की विभिन्न मिठाई की दुकानों की जांच की।

चेकिंग के दौरान दुकानों से कुल 8 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए। इनमें बर्फी, धोड़ा बर्फी, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, पतीसा, पेठा और लड्डू सहित अन्य मिठाइयां शामिल हैं। सभी सैंपल जांच के लिए स्टेट फूड लैबोरेटरी भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी सैंपल में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी खामी पाई जाती है तो फूड सेफ्टी एक्ट के तहत संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के दौरान फूड सेफ्टी टीम ने दुकानदारों को साफ-सफाई संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। कारोबारियों को कच्चा माल केवल पक्के बिल पर खरीदने और मिठाइयों में किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित या बिना अनुमति वाले आर्टिफिशियल रंगों का इस्तेमाल न करने की हिदायत दी गई। मिठाइयां तैयार करने के लिए साफ और सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।

इसके अलावा खाद्य कारोबारियों को उनके वार्षिक कारोबार के अनुसार फूड लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना जरूरी लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के खाद्य कारोबार करना कानूनी अपराध है।

फूड सेफ्टी विंग ने बताया कि रक्षाबंधन के दौरान जिले में बाहर से आने वाली मिठाइयों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। बसों, ट्रेनों, ट्रांसपोर्ट वाहनों और निजी वाहनों के माध्यम से दूसरे शहरों या क्षेत्रों से कपूरथला पहुंचने वाली मिठाइयों की भी जांच की जाएगी। दुकानों में बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित फूड कारोबारी की होगी।

असिस्टेंट कमिश्नर (फूड) डॉ. हरजोत पाल सिंह ने कहा कि मिठाई केवल एक खाद्य वस्तु नहीं, बल्कि सीधे लोगों की सेहत से जुड़ी है। इसलिए कारोबारियों को मुनाफे से अधिक लोगों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं मिलावटी, खराब या संदिग्ध खाद्य पदार्थ बिकने की जानकारी मिलती है तो इसकी शिकायत जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम नंबर 01822-233777 पर की जा सकती है।  

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