कपूरथला कांग्रेस में बगावत के सुर, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष निष्कासित ....
- महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता धीर ने नेतृत्व पर उठाए सवाल
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
पंजाब प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष बलजीत कौर ने 11 अगस्त, 2026 को लिखे एक पत्र में धीर को ज़िला अध्यक्ष के पद से हटा दिया और पार्टी विरोधी गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल होने की शिकायतों और रिपोर्टों के आधार पर उन्हें तुरंत प्रभाव से कांग्रेस पार्टी से निकाल दिया है।
वहीँ कपूरथला ज़िला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष संगीता धीर ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए पार्टी से अपने इस्तीफे की घोषणा की है। उनका यह बयान पंजाब प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष बलजीत कौर द्वारा उन्हें पद से हटाने और पार्टी से निष्कासित किए जाने संबंधी पत्र जारी होने के बाद सामने आया है।
पंजाब प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष बलजीत कौर द्वारा 11 अगस्त, 2026 को जारी एक पत्र के अनुसार, धीर को ज़िला अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है और तुरंत प्रभाव से पार्टी से निकाल दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में उनकी कथित संलिप्तता के बारे में बार-बार शिकायतें और रिपोर्टें मिली थीं और संगठन ने उन्हें गंभीरता से लिया था।
राज्य महिला कांग्रेस नेतृत्व ने कहा कि इस तरह के व्यवहार को पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना गया और शिकायतों को देखते हुए धीर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया गया।
धीर कई वर्षों से कपूरथला में महिला कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय थीं और उन्होंने विभिन्न पार्टी कार्यक्रमों में ज़िला संगठन का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने ज़िला महिला कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर मार्च 2026 में फगवाड़ा में आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया था।
दूसरी तरफ संगीता धीर ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के करीब तीन दशक कांग्रेस को समर्पित किए और लगातार संगठन के लिए काम किया। इसके बावजूद उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। उन्होंने कहा कि भारी मन से अब वह कांग्रेस से इस्तीफा दे रही हैं।
धीर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व महिला कार्यकर्ताओं के सम्मान को भूलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेहनती और समर्पित जमीनी कार्यकर्ताओं के बजाय उन लोगों को अधिक महत्व दिया जा रहा है, जो कुछ नेताओं को खुश करने में लगे रहते हैं।
पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों पर सवाल
संगीता धीर ने अपने खिलाफ लगाए गए पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से कांग्रेस के विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों में सार्वजनिक रूप से हिस्सा लेती रही हैं। ज़िला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए वह लगातार मीडिया के माध्यम से पार्टी की गतिविधियों और मुद्दों को भी सामने रखती रही हैं।
उन्होंने सवाल किया कि यदि वह वास्तव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थीं तो पार्टी नेतृत्व ने इतने लंबे समय तक कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई?
निष्कासन पत्र की तारीख को लेकर भी सवाल
धीर ने मीडिया में सामने आए निष्कासन पत्र को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध पत्र की प्रतियों पर अलग-अलग साल दर्ज हैं। एक प्रति पर 11 अगस्त 2025, जबकि दूसरी पर 11 अगस्त 2026 की तारीख लिखी है। उनका कहना है कि दोनों प्रतियों का रेफरेंस नंबर एक ही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अलग-अलग साल वाली और एक ही रेफरेंस नंबर वाली प्रतियां मीडिया में क्यों और किस मकसद से प्रसारित की जा रही हैं।
धीर ने कहा कि यदि पार्टी को उनके खिलाफ कोई संगठनात्मक कार्रवाई करनी थी, तो मामला संगठन के स्तर पर स्पष्ट रूप से निपटाया जा सकता था। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से पूछा कि अचानक मीडिया में पत्र जारी करने की क्या जरूरत पड़ी और इसके पीछे क्या मकसद था?
‘कांग्रेस को जीवन का हिस्सा माना’
संगीता धीर ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस को कभी महज राजनीतिक मंच नहीं माना, बल्कि इसे अपने जीवन का अहम हिस्सा समझा। करीब तीन दशक तक पार्टी के लिए काम करने के बाद उनके साथ इस तरह का व्यवहार होना उनके लिए बेहद पीड़ादायक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग लंबे समय से उनकी पीठ पीछे उनके खिलाफ काम कर रहे थे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को उनके बारे में गलत जानकारी दे रहे थे।
धीर ने कहा कि यदि नेताओं की चापलूसी करने वालों को प्राथमिकता देकर जमीनी स्तर पर काम करने वाले समर्पित और मेहनती कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जाएगा, तो इसका नुकसान अंततः कांग्रेस संगठन को ही उठाना पड़ेगा।



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