सैनिक स्कूल में 65वां स्थापना दिवस समारोह ....
- कैडेट्स स्वप्न देखने की स्वतंत्रता व असफल होने पर साहस विकसित करें-- मेजर जनरल पी के सिंह
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
कपूरथला सैनिक स्कूल के ऐतिहासिक जगतजीत पैलेस में 80 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के साथ-साथ स्कूल का 65वां स्थापना दिवस मनाया गया। जिसमे मुख्य अतिथि मेजर जनरल पीके सिंह,चीफ़ ऑफ़ स्टाफ, 11कोर और सैनिक स्कूल कपूरथला ( लोकल बोर्ड ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन) के चेयरमैन थे।
इस अवसर पर स्कूल के विशिष्ट पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल गुरदीप सिंह (रिटायर्ड)) तथा DC आकाश बंसल सहित वरिष्ठ पूर्व छात्रगण,अभिभावकगण, स्टाफ और कैडेट्स उपस्थित रहे। जानकारी हो कि DC आकश बंसल ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद समारोह में भाग लिया।
इस मौके पर प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन आई. मनोज मेनन ने मुख्य अतिथि, वरिष्ठ पूर्व छात्रों, अभिभावकगण व अन्य गण्यमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने सैनिक स्कूल कपूरथला की परंपराओं और मूल्यों को आगे बढ़ाने में पूर्व छात्रों, स्टाफ और कैडेट्स के योगदान को भी सराहा।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के 'सैकप स्मृति स्थलʼ पर पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई, जहाँ मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सशस्त्र बलों के कर्मियों और पूर्व छात्रों को श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद गार्ड ऑफ़ ऑनर और औपचारिक परेड हुई। परेड का निरीक्षण करते हुए मेजर जनरल पी. के. सिंह ने कैडेट्स की उपस्थिति, अनुशासन, ड्रिल और समन्वय की सराहना की। निशान टोली, स्कूल बैंड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी कार्यक्रम का हिस्सा रहीं।
इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि स्वप्न देखने की स्वतंत्रता, असफल होने का साहस और उठ खड़े होने का अनुशासन ही व्यक्ति को सफल बनाता है।
कैडेट्स को संबोधित करते हुए जनरल सिंह ने उद्देश्यपूर्ण स्वप्न देखने, असफलता का सामना करने का साहस रखने और फिर से उठ खड़े होने के लिए अनुशासन विकसित करने के महत्व पर ज़ोर दिया।
उन्होंने इस अवसर के महत्व और राष्ट्र की सेवा और नेतृत्व के लिए युवा छात्रों को तैयार करने में स्कूल के 65 वर्षों के योगदान को रेखांकित किया। कैडेट्स द्वारा प्रदर्शित कार्यक्रमों में अनुशासन, संयम और समन्वय की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ये सैनिक स्कूल कपूरथला की मूल भावना को दर्शाता है। उन्होंने
युवा कैडेट्स से कहा कि “स्वतंत्रता हमें स्वप्न देखने का स्थान देती है। साहस हमें असफलता का सामना करने की ताकत देता है। अनुशासन हमें तब तक उठते रहने की शक्ति देता है जब तक कि स्वप्न हकीकत न बन जाए।” उन्होंने कैडेट्स को सार्थक लक्ष्य निर्धारित करने, आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करने, बाधाओं से सीखने और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति अनुशासित और प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने आने वाले वर्षों में राष्ट्र के प्रति कैडेट्स के योगदान और उनकी क्षमता में अपना विश्वास भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर सैनिक स्कूल कपूरथला के 65वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में औपचारिक केक काटने की रस्म भी शामिल थी। स्कूल की ‘ग्रीन वेलकम’ पहल के तहत मुख्य अतिथि को एक पौधा भेंट किया गया।
समारोह का समापन कैडेट्स, स्टाफ, अभिभावकगण, पूर्व छात्रों तथा गण्यमान्य व्यक्तियों की भागीदारी के साथ हुआ, जो राष्ट्र के स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्र-निर्माण में सैनिक स्कूल कपूरथला के छह दशकों से अधिक के योगदान दोनों का प्रतीक था।



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