आम आदमी पार्टी की राजनीती दो मुंहे साप जैसी -- उमेश शारदा
- दिल्ली में विरोध प्रदर्शन, पंजाब पेपर लीक पर चुप्पी, भाजपा नेता शारदा ने उठाएं सवाल
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा आयोजित फार्मेसी अफसर भर्ती परीक्षा में सामने आए हाईटेक नकल प्रकरण को लेकर शनिवार को भाजपा ने नीट परीक्षा के पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन से निपटने के तरीके को लेकर आम आदमी पार्टी के हमलों के बीच पंजाब में सामने आ रहे एक अन्य भर्ती परीक्षा घोटाले पर अरविंद केजरीवाल की चुप्पी पर सवाल उठाया है।
भाजपा प्रदेश कार्यकारणी के सदस्य उमेश शारदा ने कहा कि आम आदमी पार्टी की राजनीती दो मुंहे साप जैसी है। उन्होंने कहा पंजाब पुलिस ने 454 सरकारी पदों के लिए आयोजित फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान एक बड़े, हाई-टेक नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया। एक संगठित गिरोह ने उम्मीदवारों से ₹35 लाख से ₹13 लाख तक की ठगी की और जासूसी शैली के गुप्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करके उन्हें वास्तविक समय में उत्तर दिए। लिखित परीक्षा में लगभग 7,000 उम्मीदवारों ने भाग लिया, जिसका संचालन बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीएफयूएचएस) द्वारा फरीदकोट, कोटकापुरा और फिरोजपुर के 18 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था।
शारदा ने कहा अरविंद केजरीवाल और उनके प्रतिनिधि छात्रों के लिए लड़ने का दावा करते हैं। तो अब वे कहाँ हैं?पंजाब की फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल का रैकेट चलाकर गड़बड़ी की गई है। पुलिस ने 7 सरगनाओं और 28 उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि परीक्षा पत्र लीक करने के लिए एक गुप्त पेन कैमरा का इस्तेमाल किया गया था, जिसके जवाब ब्लूटूथ इयरपीस के जरिए लाइव प्रसारित किए गए थे।
बताया जा रहा है कि उम्मीदवारों ने 35 लाख से 13 लाख रुपये के बीच भुगतान किया था। विरोध प्रदर्शन कहां हैं? शारदा ने मामले की निष्पक्ष जांच,दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग की। शारदा ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में नकल जैसी घटनाएं बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान कई अभ्यर्थी हाईटेक तरीके से नकल करते पकड़े गए, लेकिन इस पूरे नेटवर्क के पीछे शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए।
उनका कहना था कि इस मामले में कुछ बड़े चेहरे शामिल हो सकते हैं, जिन्हें सरकार बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने पूर्व की भर्ती परीक्षाओं का हवाला देते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।



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