कपूरथला में पाइपलाइन बिछाने को लेकर तनाव, भारी पुलिस बल तैनात ...
- काली बेईं नदी में सीवेज का ट्रीट किया हुआ पानी डालने की तैयारी को लेकर गांववालों का विरोध प्रदर्शन
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
कपूरथला की सब डिवीज़न सुल्तानपुर लोधी के गांव शाहवाला अंदरिसा में आज उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गए जब गांववालों ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीट किए हुए पानी की आउटपुट पाइपलाइन बिछाने का काम रोक दिया। इसको लेकर गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
धरने पर बैठे गांव वासिओ ने आरोप लगाया कि प्रशासन शहर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का गंदा पानी पवित्र काली बेईं में छोड़ने की तैयारी कर रहा है। लोगों का कहना है कि यह एक ऐसा फैसला है जिससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान होगा बल्कि धार्मिक भावनाएं भी आहत होंगी। रोष धरने पर बैठे लोगों के मुताबिक पाइपलाइन जबरदस्ती उनकी जमीन से होकर बिछाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले प्रशासन ने दूसरा रास्ता बताया था, लेकिन बाद में प्लान बदल दिया और अब उनके गांव की ज़मीन चुन ली गई है।
गांववालों ने प्रशासन पर वादे तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों ने पहले भरोसा दिया था कि न तो नदी को नुकसान पहुंचाया जाएगा और न ही प्राइवेट ज़मीन को नुकसान पहुंचाया जाएगा, लेकिन अब बिना सहमति के काम शुरू कर दिया गया है। इसके विरोध में गुस्साए लोगों ने मौके पर अनिश्चितकालीन धरना दे दिया और काम में उपयोग हो रही मशीन रोक कर पाइपलाइन बिछाने का काम पूरी तरह से रोक दिया गया।
इस माहौल में तनाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी। सुबह से ही पुलिस अधिकारी और सिविल प्रशासन के अधिकारी मौके पर रहे। हालात को देखते हुए किसी भी अनचाही घटना को रोकने के लिए नाकाबंदी भी कर दी गई।
दूसरी तरफ सीवरेज और वाटर सप्लाई डिपार्टमेंट के अधिकारी अरविन्द मेहता ने गांववालों के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि पाइपलाइन सरकारी ज़मीन पर बिछाई जा रही है और किसी भी प्राइवेट ज़मीन को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ट्रीट किया हुआ पानी एनवायरनमेंटल स्टैंडर्ड के हिसाब से छोड़ा जाएगा।
फ़िलहाल अभी भी तक गांव वासी धरने पर डटे हुए हैं और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक प्रशासन लिखित में भरोसा नहीं देता, तब तक धरना खत्म नहीं होगा। बता दे कि मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा होने की वजह से सेंसिटिव हो गया है और प्रशासन गांववालों से बातचीत कर मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल लोग अपनी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। और पाइपलाइन बिछाने का काम पूरी तरह से रुका हुआ है।
वहीं दूसरी तरफ एसपी (डी) प्रभजोत सिंह विर्क ने बताया कि गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए लगभग 200 - 250 पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। फिलहाल स्थिति कंट्रोल में है। और देर शाम गांव वासियों से वार्ता के उपरांत काम पुनः शुरू करवा दिया गया है।




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