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कपूरथला के RCF में लाखों के घपले की साजिश की आशंका ...

 - 'खाली बॉक्स' सप्लाई का सनसनीखेज मामला, यूनियन ने उठाया मुद्दा, सरकारी खजाने की लूट का आरोप    

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला    

भारतीय रेल की प्रतिष्ठित कोच निर्माण यूनिट रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में भ्रष्टाचार और सप्लाई में बड़ी धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसमे RCF की मशीन शॉप में भेजे गए सामान का पैक बॉक्स खाली निकला है। यूनियन नेताओ ने बताया कि एक निजी कंपनी द्वारा भेजे गए लकड़ी के बॉक्सों के भीतर से लाखों रुपये की कीमत का कीमती सामान गायब है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह न केवल सरकारी खजाने की खुली लूट है, बल्कि रेल यात्रियों की सुरक्षा के साथ भी एक गंभीर खिलवाड़ है।  

हालाँकि RCF के चीफ PRO सुमित कुमार ने इस मामले में जाँच जारी होने की बात कही है। और बताया कि जाँच के उपरांत जो भी तथ्य सामने आयंगे उसके आधार पर उचित कार्यवाही की जायगी। 

प्राप्त साक्ष्यों के अनुसार, यह सप्लाई मैसर्स आर्यन एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (Aryan Exporters Pvt Ltd), लखनऊ (वेंडर कोड: 1518) द्वारा की गई थी। संबंधित आइटम 'सेट ऑफ रबर मेटल बॉन्डेड आइटम्स फॉर एयर सस्पेंशन बोगी' (PL No. 33503916) है, जो एलएचबी (LHB) कोचों की सुरक्षा और स्थिरता के लिए अनिवार्य माना जाता है।

हैरान कर देने वाली बात यह है कि जब इन बॉक्सों को खोला गया, तो वे भीतर से पूरी तरह खाली पाए गए। वीडियो और तस्वीरों में बॉक्स की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जो एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करती है। कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि बिना उच्च अधिकारियों और स्टोर विभाग के निरीक्षण अधिकारियों की मिलीभगत के इतना बड़ा 'पार्शल सप्लाई' घोटाला संभव नहीं है। 

इस भ्रष्टाचार पर कड़ा संज्ञान लेते हुए RCFEU के महासचिव सर्वजीत सिंह ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि "आरसीएफ के भीतर इस तरह की गड़बड़ियाँ अब बर्दाश्त की सीमा से बाहर हैं। लाखों रुपये के कीमती पुर्जों की जगह खाली डिब्बे मिलना प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे भ्रष्टाचार का प्रमाण है।  

RCFEU मांग करती है कि इस पूरे प्रकरण की तत्काल उच्च-स्तरीय जांच कराई जाए। मैटेरियल सप्लाई करने वाली कंपनी, सामान प्राप्त करने और उसका निरीक्षण (Inspection) करने वाले दोषी अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए, साथ ही आर्यन एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर उसके खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। यदि प्रशासन ने इस घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश की, तो यूनियन बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी।" 

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