कपूरथला पुलिस का 2025 का लेखा-जोखा -- 1424 नशा तस्कर काबू ----
- युद्ध नशों के विरुद्ध मुहिम के तहत कपूरथला पुलिस ने नशा तस्करों पर कसा शिकंजा
- संगठित अपराधों की रोकथाम के तहत 28 गैंगस्टर काबू
- नशा तस्करों के मामलों की अदालतों में ज़ोरदार पैरवी, सज़ा दर हुई 92 प्रतिशत
- कानून व्यवस्था बनाए रखने, नशा पीड़ितों के पुनर्वास और गंभीर अपराधियों को काबू करने में मिली बड़ी सफलता
- लोक पक्षीय दृष्टिकोण के तहत शिकायतों का बड़े स्तर पर निपटारा, औसतन 11 मिनट में हल हुई शिकायत
- नशे का पूर्ण सफाया और कानून व्यवस्था बनाए रखना साल 2026 का होगा लक्ष्य -- SSP
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
कपूरथला पुलिस को साल 2025 के दौरान नशे की सप्लाई को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के अलावा संगठित अपराधों को रोकने तथा अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने में शानदार सफलता मिली है। SSP गौरव तूरा ने वर्ष 2025 के दौरान कपूरथला पुलिस की कार्यप्रदर्शन के बारे में बताया कि ‘साल 2025 के दौरान कपूरथला पुलिस नशा तस्करों पर शिकंजा कसने में कामयाब रही है।’
उन्होंने बताया कि कपूरथला पुलिस द्वारा साल 2025 के दौरान “युद्ध नशे के विरुद्ध” मुहिम के तहत 1125 एन.डी.पी.एस. मामले दर्ज करके 1424 दोषियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 14.845 किलो हेरोइन, 463.599 किलो भुक्की, 12.983 किलो अफीम, 2 किलो गांजा, 0.065 किलो आइस, 1.407 किलो नशीला पाउडर, 516 भुक्की के हरे पौधे, 72,086 नशीली गोलियां/कैप्सूल और ₹7,84,540/- ड्रग मनी बरामद की गई।
SSP ने कहा कि नशे की सप्लाई लाइन तोड़ना और नशा पीड़ितों का पुनर्वास पुलिस का सबसे बड़ा लक्ष्य था, जिसमें बड़े स्तर पर सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक एन.डी.पी.एस. की मात्रा के 36 मामलों में 54 दोषी गिरफ्तार हुए।
पंजाब सरकार द्वारा नशा तस्करों के बारे में सूचना देने के लिए शुरू की गई हेल्पलाइनों पर आम लोगों द्वारा 1324 सेफ पंजाब टिपलाइनें प्राप्त हुई, जिनके आधार पर 479 एफ.आई.आर. दर्ज करके 570 दोषियों को काबू किया गया। उन्होंने बताया कि लोगों का पुलिस की नशे के विरुद्ध कार्रवाई में विश्वास बढ़ा है, जिस कारण लोग नशा तस्करों के बारे में जानकारी देने के लिए आगे आने लगे है।
उन्होंने यह भी कहा कि नशे के काले कारोबार से बनाई गई संपत्तियों को कुर्क करने का काम भी तेज़ी से किया गया है, जिस तहत 18.42 करोड़ रुपये संपत्ति फ्रीज़ की गई है। इसके अलावा नशा तस्करों से संबंधित मामलों की अदालतों में ज़ोरदार पैरवी के नतीजे के रूप में एन.डी.पी.एस. मामलों में 92% सज़ा दर हासिल की गई।
नशा पीड़ितों के पुनर्वास के बारे में उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति की ओर कदम बढ़ाते हुए 701 नशा पीड़ितों को डी-एडिक्शन सेंटरों और 1833 नशा पीड़ितों को ओट सेंटरों से जोड़ा गया है।
SSP तूरा ने बताया कि गंभीर अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान 17 कत्ल मामलों में से 16 ट्रेस करके 45 गिरफ्तारियां की गई। इसी तरह 42 इरादा कत्ल के मामलों में 62 गिरफ्तारियां, लूट के 24 मामलों में 40 गिरफ्तारियां करके 18.89 लाख रुपये बरामद किए गए। इसी तरह 1 बैंक लूट मामले में 27.69 लाख रुपये बरामद किए गए।
वहीँ साइबर अपराध को भविष्य की चुनौती बताते हुए उन्होंने बताया कि ज़िले में साइबर अपराध के एक मामले में 42 दोषी गिरफ्तार करके 2 करोड़ 15 लाख रुपये नकद, 40 लैपटॉप, 68 मोबाइल फोन समेत बड़ी बरामदगी की गई। इसके अलावा जबरन-वसूली/धमकी वाली कॉलों के 19 मामलों में से 15 का निपटारा किया गया है तथा 12 दोषियों को गिरफ्तार किया गया है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए गए गंभीर प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए श्री तूरा ने बताया कि आर्म्ज़ एक्ट के 21 मामलों में 35 दोषियों को काबू करके 38 पिस्तौल, पांच विदेशी ग्लॉक 9एम.एम., 6 रिवॉल्वर, 4 देसी कट्टे, 1 गन और 146 कारतूस ज़ब्त किए गए।
गैंगस्टरों के विरुद्ध कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए श्री तूरा ने बताया कि संगठित अपराध को नाथ लगाने के लिए बड़ी कार्रवाई की गई। इस तहत 28 गैंगस्टरों को गिरफ्तार करके हथियार और वाहन बरामद किए गए।
उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि कपूरथला पुलिस द्वारा आम लोगों की शिकायतों का तेज़ी से निपटारा किया गया है, जिस तहत 112 हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत को औसतन 11 मिनट में हल किया गया है। उन्होंने बताया कि साल भर में 6041 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें से 4920 का निपटारा किया गया।
आवागमन संबंधी नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए 28094 चालान करके 1.85 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए है।
इसके अलावा अवैध शराब की रोकथाम के लिए भी 143 मामले दर्ज करके 143 दोषियों को काबू किया गया है। इसके अलावा 20 लाख मि.ली. अवैध शराब, 15145 किलो लाहन बरामद की गई। उन्होंने यह भी कहा कि ज़िले में आए बाढ़ के मौके पर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, राहत सामग्री पहुंचाने में भी कपूरथला पुलिस द्वारा सेवाएं निभाई गई।
SSP तूरा ने साल 2025 में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विभिन्न मौकों पर निभाई गई ड्यूटी की सराहना करते हुए कहा कि साल 2026 के दौरान नशे का पूर्ण सफाया और कानून व्यवस्था को बनाए रखना उनका मुख्य मकसद होगा। उन्होंने यह भी कहा कि नशा पीड़ितों के पुनर्वास के प्रयासों को और तेज़ करने के साथ-साथ आम लोगों की शिकायतों का निपटारा और अधिक प्रभावी ढंग से किया जाना सुनिश्चित बनाया जाएगा। इस मौके पर एस.पी. गुरप्रीत सिंह, एस.पी प्रभजोत सिंह विर्क तथा पुलिस के अन्य अधिकारी मौजूद थे।



.jpg)
.jpg)






.jpeg)











No comments