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कपूरथला में किसान सिखलाई कैंप एवं कृषि प्रदर्शनी में पराली के उचित उपयोग की दी तकनीकी जानकारी ...

- धान की बिजाई पंजाब सरकार द्वारा निर्धारित समय अनुसार 15 जून से ही की जाये --- संयुक्त डायरेक्टर खेतीबाड़ी  

- पर्यावरण प्रदूषित होने से बचाने के लिए समय की प्रमुख जरूरत   

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला    

पंजाब सरकार के कृषि एवं किसान भलाई विभाग द्वारा आज कपूरथला के नडाला में आत्मा स्कीम के तहत आयोजित किसान सिखलाई कैंप और कृषि प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने किसानों को पराली के उचित प्रबंधन के बारे में संदेश देते हुए कहा कि पर्यावरण प्रदूषित होने से बचाने के लिए समय की प्रमुख जरूरत है।  

जिला स्तरीय किसान सिखलाई कैंप एवं कृषि प्रदर्शनी में विशेषज्ञों ने किसानों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कृषि खर्चों को कम करने के लिए फसल अवशेषों विशेषकर पराली का समुचित उपयोग व्यवहार में लाना चाहिए।   

ख़रीफ़ की फसल की तकनीकी जानकारी देने के लिए लगाये किसान सिखलाई कैंप एवं कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन ADC शिखा भगत ने  किया। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों को जलाने की बजाय उसे जमीन में जोत देना चाहिए, जिससे पर्यावरण प्रदूषित होने से बचता है और भूमि की उपजाऊ शक्ति भी बढ़ती है। उन किसानों को विभिन्न फसलों की खेती करते समय ख़रीफ़ की फसल के संबंध में कैंप में प्राप्त जानकारी का भरपूर लाभ लेना चाहिए।   

कृषि एवं किसान भलाई विभाग की संयुक्त डायरेक्टर खेतीबाड़ी (आँकड़ा) हरप्रीत कौर ने किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं और ख़रीफ़ की फसल के बारे में विस्तार से जानकारी देकर कृषि के सहायक व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों से अपील की कि धान की बिजाई पंजाब सरकार द्वारा निर्धारित शेड्यूल के अनुसार 15 जून से की जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय से पहले धान की रोपनी न करें। उन्होंने कृषि खर्च कम करने और फसलों में विविधता लाने पर जोर दिया और पराली को आग न लगाने की भी अपील की। 

उपमंडल मैजिस्ट्रेट नडाला नवनीत कौर बल ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए किसानों से प्राकृतिक संसाधनों की उचित देखभाल करने का आह्वान किया। इससे पहले मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. बलबीर चंद ने मुख्य अतिथियों व किसानों का स्वागत किया। उन्होंने किसानों से धान की बुआई निर्धारित समय पर करने तथा कम समय लेने वाली अनुशंसित किस्मों की ही बुआई करने की अपील की।  उन्होंने किसानों से धान के रकबे को कम करके बासमती, मक्का और दालों के अंतर्गत लाने और कृषि विशेषज्ञों की सिफारिशों के अनुसार ही खादों और कृषि रसायनों का उपयोग करने को कहा।  

डायरेक्टर रीजनल खोज केंद्र (PU) कपूरथला डाॅ. गुलजार सिंह संघेड़ा ने किसानों को गन्ने की खेती के बारे में जानकारी दी। जबकि सहायक प्रोफेसर, भूमि विज्ञान डॉ. गगनदीप धवन ने मिट्टी परीक्षण के आधार पर खादों के उचित प्रयोग की जानकारी दी। कृषि इंजीनियर प्रोफेसर डॉ. बिंदु मरवाहा ने खरीफ की फसल की खेती के लिए कृषि यंत्रों के बारे में इंचार्ज FASS कपूरथला डाॅ. प्रदीप कुमार ने खरपतवारों और धान/बासमती की फसल की सर्वांगीण रोकथाम के संबंध में कृषि विकास अधिकारी सुल्तानपुर लोधी. डॉ जसपाल सिंह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी इसके अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी, डायरेक्टर बाग़बानी डाॅ. सुखदीप सिंह हुंदल, डिप्टी डायरेक्टर डेयरी कपूरथला डॉ. दविंदर सिंह, सब-डिवीजन भूमि रक्षा अधिकारी इंजी. लुपिंदर कुमार और मछली पालन अधिकारी दलजीत सिंह ने अपने-अपने विभाग में चल रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।  

किसान मेले में कृषि एवं सभी विभागों द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें किसानों ने काफी रुचि दिखाई और जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर ब्लाक कृषि अधिकारी कपूरथला डा. एच.पी.एस. भरोत, कृषि विकास अधिकारी (पीपी), डॉ. विशाल कौशल, कृषि विकास अधिकारी (इं.), डॉ. गुरविंदर सिंह ब्लॉक कृषि अधिकारी फगवाड़ा परमजीत सिंह महे और पीडी (आत्मा) डॉ. तरविन्दर सिंह और समस्त स्टाफ कपूरथला उपस्थित थे।   

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