ब्रेकिंग न्यूज़

संत सीचेवाल वाटर स्पोर्ट्स सेंटर को 9 नई नावें मिलीं --- युवाओं का भविष्य सुनहरा बना रहा वाटर स्पोर्ट्स सेंटर -- सीचेवाल

दिव्यांग बच्चे अब सीख सकेंगे यह खेल, NRI मोता सिंह द्वारा दिया गया नावों का सहयोग  

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला    

सुल्तानपुर लोधी में पवित्र काली बेईं तट पर चल रहे संत सीचेवाल वॉटर स्पोर्ट्स सेंटर को 9 नई नावें मिली हैं। इन नई लाई गई नावों का उद्घाटन पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने जयकारों की गूंज में किया। उन्होंने कहा कि इन 9 नई नावों के लिए बड़ा योगदान इंग्लैंड में रहने वाले एनआरआई मोता सिंह सराय ने दिया है।

उन्हों ने बताया की स. मोता सिंह सराय सराय पंजाबी साथ के माध्यम से लंबे समय से कारसेवा समेत कई अन्य गतिविधियों में भी हिस्सा लेते आ रहे हैं। बता दें कि पवित्र वेईं में 2014 से चल रहा संत सीचेवाल वाटर स्पोर्ट्स सेंटर पंजाब का पहला सेंटर है जहां खिलाड़ियों को मुफ्त ट्रेनिंग दी जाती है।

इस अवसर पर जानकारी देते हुए पर्यावरणविद् एवं राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि इस वाटर स्पोर्ट्स सेंटर ने कई युवाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य बनाया है और कई खिलाड़ियों ने इस केंद्र से प्रशिक्षण लेने के बाद नौकरियां प्राप्त की हैं। उन्होंने कहा कि इस सेंटर के बच्चे लगातार कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पदक प्राप्त कर रहे हैं और इस सेंटर का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सेंटर अब तक कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी कर चुका है।  संत सीचेवाल ने कहा कि अब इस केंद्र में 29 छोटी नावें और 3 ड्रैगन नावें हैं। 

बता दें कि यह सेंटर 2014 से सफलतापूर्वक चल रहा है जहां खिलाड़ियों को मुफ्त प्रशिक्षण, आवास और भोजन दिया जा रहा है। जबकि अन्य जगहों पर नाव दौड़ के लिए दी जाने वाली ट्रेनिंग काफी महंगी होती है, जिसके कारण गरीब वर्ग के खिलाड़ी इस ट्रेनिंग से वंचित रह जाते हैं। 

- दिव्यांग बच्चे अब सीख सकेंगे यह खेल 

इन नई आई नावों में एक पैराकेनो भी है जो विशेष रूप से विकलांग बच्चों के लिए डिज़ाइन किया गया है। जिसमें दिव्यांग बच्चा भी इस गेम को सीख सकेगा। इस केंद्र में लगभग 30 बच्चे प्रतिदिन 2 प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रहे हैं। गौरतलब है कि संत सीचेवाल युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस सेंटर की शुरुआत उन्होंने पंजाब में जल खेलों को और बढ़ावा देने तथा गरीब परिवारों के बच्चों को इस खेल से जोड़ने के उद्देश्य से की थी। अब इस सेंटर में बोट रेस के लिए 9 नई नावें आने से खिलाड़ी अभ्यास के लिए तैयार हैं। इसके अलावा हॉकी, कबड्डी, कुश्ती और गतके का प्रशिक्षण भी उनके द्वारा दिया जा रहा है और हर साल इनकी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। 

No comments