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समाज की समृद्धि और रचनात्मकता के लिए बौद्धिक संपदा का अधिकार ....

- इस अधिकार में कोई भी आपकी संपत्ति का उपयोग बिना अनुमति के नहीं कर सकता   

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला    

पुष्पा गुजराल साइंस सिटी ने अंतर्राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार दिवस के अवसर पर "नवाचार और रचनात्मकता के भविष्य के निर्माण के लिए बौद्धिक संपदा और सतत विकास लक्ष्य" पर एक सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार में शिक्षण संस्थानों के लगभग 200 छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया। 

इस अवसर पर साइंस सिटी के निदेशक डॉ. राजेश ग्रोवर ने अपने संबोधन में आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था में विचारों और रचनात्मक प्रयासों के संरक्षण विषय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार एक  ऐसा अधिकार है, जिसके अनुसार कोई भी आपकी संपत्ति का उपयोग बिना अनुमति के नहीं कर सकता है।   

इस अवसर पर उन्होंने ट्रेड मार्क, कॉपी राइट, पेटेंट और व्यवसाय आदि में बौद्धिक संपदा अधिकार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवा छात्रों से बौद्धिक संपदा अधिकारों के विभिन्न रूपों के बारे में जागरूक होने का आग्रह किया और कहा कि भविष्य के विकास के लिए एक ऐसा वातावरण बनाना बहुत महत्वपूर्ण है जहां युवा अन्वेषकों के विचारों और मूल उपकरणों को विकसित और संरक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि हमें भविष्य के विकास के लिए सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सदैव प्रयासरत रहना चाहिए।

इस अवसर पर राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के सहायक प्रोफेसर इंजी अमरदेव सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे और उन्होंने युवा छात्रों को "नए उत्पाद और सतत विकास लक्ष्य विकास प्रक्रिया के लिए अनुपयुक्त अभ्यास" विषय पर जानकारी दी।उन्होंने छात्रों से कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार हमारे भविष्य के निर्माण के लिए नवीन और रचनात्मक समाधानों को प्रोत्साहित करते हैं।  

इस अवसर पर इंजी अमरदेव ने अर्थव्यवस्था की स्थिरता, सामाजिक और पर्यावरण संतुलन के लिए रचनात्मक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि सतत विकास लक्ष्य जहां समृद्ध समाज और शांति को बढ़ावा देते हैं, वहीं वे पृथ्वी को संरक्षित करने का भी काम करते हैं। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा दिवस पर यह समझने की जरूरत है कि बौद्धिक संपदा अधिकार हम सभी के भविष्य के लिए नवाचार और रचनात्मक समाधानों को कैसे बढ़ावा देते हैं।   

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