ब्रेकिंग न्यूज़

विधायक राणा के खास गांव बूट के सरपंच व पंच के अवैध कब्जों पर भी जल्द चलेगी डिच्च -- मंजू राणा

 - मंजू राणा ने प्रेस वार्ता कर कई कांग्रेसी पार्षदों की संपत्ति पर भी लगाए सवालिया निशान   

- बोली ---- कोई भी नाजायज काम नहीं होगा बर्दाश्त, निगम को कौंसिल में तब्दील करने के लिए सरकार को लिखा  

खबरनामा इंडिया ब्यूरो। कपूरथला      

पंजाब में कपूरथला विधायक राणा गुरजीत सिंह के खास माने जाते गांव बूट के सरपंच तथा एक पंच को पंचायती जमीन पर कब्जा मामले में सस्पेंड के बाद अब उनके अवैध कब्जो पर भी डिच्च मशीन चलेगी और पंचायत की 81 कनाल भूमि मक्त करवाई जायगी। यह दावा आज AAP की हल्का इंचार्ज मंजू राणा ने करते हुए बताया कि विधायक के खास नेताओ दवारा किये कब्जो के खिलाफ तो वर्ष 2017 में ही माननीय अदालत ने आदेश दे दिया था। लेकिन  राजनीतिक दबाव के चलते कब्जे मुक्त नहीं हो सके थे।  

मंजू राणा ने कांग्रेसी पार्षदों पर भी सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा कि कपूरथला शहर के कई ऐसी संपत्तियां हैं जिनके नक्शे पास नहीं करवाए गए हैं उन मामलों में कई पार्षद भी शामिल है जिन्होंने अपनी इमारतों के नक्शे पास नहीं करवाए हैं। उन सभी पर भी जल्द कार्रवाई करवाकर बनती वसूली निगम द्वारा करवाई जाएगी। मंजू राणा ने कहा कि बीते समय में भी विधायक ने शहर में कोई विकास नहीं करवाया है।   

उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही गांव के सरपंच राजपाल तथा पंच बलविंदर सिंह पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए सस्पेंड किया था उन पर आरोप था कि उन्होंने पंचायती भूमि पर अवैध कब्जे कर तीन फैक्ट्री लगाई हुई है। अरे भाग नहीं विधायक के खास सरपंच तथा पंच को सस्पेंड तो कर दिया है लेकिन उन पर अपराधिक कार्रवाई तथा कब्जा मुक्त करवाए जाने की कार्रवाई होना बाकी है। जिसके लिए उन्होंने सरकार को लिखित रूप से भी भेज दिया है। 

उन्होंने कहा कि विधायक राणा ने अपने चहेते नेताओं को संरक्षण देने के अलावा कोई काम नहीं किया। लगभग 10 महीने पहले विधायक नहीं उन्हें चैलेंज दिया था कि अगर किसी ने बूट गांव की तरफ देखा तो अच्छा नहीं होगा। राणा गुरजीत सिंह मेरे भाई की तरह है और मैं किसी भी नजायज काम के पक्ष में नहीं हूं। इसीलिए बूट गांव के सरपंच तथा पंच पर विभाग में कार्यवाही की है जोकि विधायक को उनकी कही गई बात का एक जवाब है।  

मंजू राणा ने कहा कि कपूरथला में निगम चुनावों से पहले शहर के 29 वार्डों को ही तब्दील कर 50 वार्ड बना दिए गए और कपूरथला नगर कौंसिल को नगर निगम बना दिया गया जबकि निगम के हिसाब से इनकम नहीं बढ़ाई गई। इस संबंध में भी उन्होंने सरकार को एक पत्र लिखकर दोबारा कौंसिल में तब्दील किए जाने की गुजारिश की हुई है।   

No comments