साइंस सिटी में लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किया प्रेरित ....
- साइंस सिटी ने विज्ञान में महिलाओं व लड़कियों की सहभागिता का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया
खबरनामा इंडिया ब्यूरो। कपूरथला
पुष्पा गुजराल साइंस सिटी की ओर से महिलाओं व लड़कियों की विज्ञान में सहभागिता के अंतर्राष्ट्रीय दिवस मौके एक वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें 100 से अधिक विद्यार्थियों व अध्यापकों ने भाग लिया। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य विज्ञान, टेक्नॉलोजी, इंजीनियरिंग व गणित के क्षेत्र में महिलाओं की पूरी बराबर पहुंच व भागीदारी को बढ़ावा देना है।
इस दौरान भारत की पहली साइंस सिटी के प्रमुख बनी डॉ. नीलिमा जेरथ ने स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा तक पहुंच में सुधार सहित विज्ञान, टेक्नॉलोजी और आर्थिक अवसरों में महिलाओं को मिल रहे सकारात्मक मौकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले विज्ञान और टेक्नॉलोजी केवल पुरुष प्रधान क्षेत्र थे। इन क्षेत्रों में महिलाओं का प्रवेश और मान्यता प्रतिबंधित थी और उन्हें कम वेतन पर भी काम देने से इनकार किया जाता था। महिलाएं शिक्षण और चिकित्सा तक ही सीमित थी। आदिकाल से ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिलाओं के योगदान को नजरअंदाज ही रहने दिया गया था। लेकिन आज इंजीनियरिंग, चिकित्सा, अनुसंधान व नए आविष्कार, प्रशासन सहित कई क्षेत्रों में महिलाओं की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।
महिलाओं ने किसी भी विश्वविद्यालय में अध्यापन के प्रथम स्थान से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने तक कई अन्य महिलाओं के लिए कई नए रास्ते खोलकर एक मिसाल कायम की है। महिलाएं अब वैज्ञानिक अनुसंधान, विज्ञान, संचार व नवीनता के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद, विज्ञान, नवीनता व अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में, विशेष रूप से उच्च पदों पर लड़कियों व महिलाओं की संख्या में वृद्धि करना समय की मांग है। इसलिए एक बेहतर समाज बनाने के लिए स्थायी और प्रभावी समाधान खोजना हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
इस मौके डॉ. जीसी अनुपमा सीवी रमन यंग साइंटिस्ट अवार्ड विजेता भारतीय संस्थान के पूर्व डीन और वरिष्ठ प्रोफेसर जो एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी ऑफ इंडिया की पहली महिला अध्यक्ष हैं, ने देश में खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी में पेशेवर शोधकर्ताओं के लिए प्रमुख अवसरों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ एक खगोलशास्त्री के रूप में अपने यात्रा के अनुभवों को साझा किया। डॉ. अनुपमा ने छात्राओं को हिम्मत से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विज्ञान और टेक्नॉलोजी के क्षेत्र में पूर्ण व समान भागीदारी को मजबूत करके महिलाओं की भागीदारी को सुविधाजनक बनाने की अपील की।













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