कर्मचारियों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला -- अमरीक सिंह
- कर्मचारियों पर पानी की बौछारें और लाठीचार्ज से एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों हुए घायल
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
पेंशन बहाली संघर्ष समिति के आह्वान पर पुरानी पेंशन स्कीम की मांग कर रहे कर्मचारियों पर हरियाणा की खट्टर सरकार द्वारा किया गया लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला है। यह बात साथी अमरीक सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे एवं संयुक्त सचिव, नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम ने प्रेस के नाम बयान जारी करते हुए कही है।
अमरीक सिंह एवं साथी राजेंद्र पाल, महासचिव ने कहा कि केंद्र की तत्कालीन केंद्रीय सरकार ने दिसंबर 2003 को एक अध्यादेश जारी कर 1 जनवरी 2004 व उसके बाद सरकारी नौकरी पर आए सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों से पुरानी पेंशन का हक छीन लिया था और उन पर शेयर बाजार आधारित नई अंशदाई पेंशन स्कीम थोप कर उनका बुढ़ापा अंधकारमय बना दिया था।
जिसके खिलाफ कर्मचारी पिछले काफी वर्षों से संघर्षरत हैं और अपने बुढ़ापे की लाठी पुरानी पेंशन की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में 19 फरवरी को हरियाणा सरकार के हजारों कर्मचारी पंचकूला में मुख्यमंत्री हरियाणा के आवास पर मांग पत्र देने जा रहे थे कि सरकार के इशारे पर पुलिस ने न सिर्फ कर्मचारियों पर पानी की बौछारें की बल्कि लाठीचार्ज कर एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों को घायल भी कर दिया।
फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे इस बर्बरता पूर्ण कार्रवाई की पुरजोर निंदा करता है और हरियाणा व केंद्र सरकार से मांग करता है कि कर्मचारियों के संविधानिक अधिकार पुरानी पेंशन को हरियाणा राज्य तथा पूरे देश में तुरंत लागू किया जाए ताकि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को बुढ़ापे में दर-दर की ठोकरें ना खानी पड़े।
फ्रंट के नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा के आह्वान पर भारतीय रेलवे के सैकड़ों कर्मचारियों ने अंबाला, पटियाला, जगाधरी, दिल्ली, लुधियाना, कपूरथला आदि से साथी तरसेम कुमार, मनीष हरिनंदन, अमर सिंह, जुमेरदीन, रतन चंद आदि की अगवाई में पंचकूला रैली में भाग लिया और लाठीचार्ज में हमारे कुछ साथी घायल भी हुए हैं। साथी अमरीक सिंह व साथी राजेंद्र पाल ने कहा कि हमारा संगठन, फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे ईमानदारी के साथ संघर्षशील लोगों/कर्मचारियों के साथ डट कर खड़ा है और खड़ा रहेगा।













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