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आर्य समाज का 110 वां महा सम्मेलन --- "हम सब भारतीय है" का दिया संदेश ...

- सभी अपने आंतरिक आपसी ऊंच नीच के मत भेदों को भूलाकर हम सब भारतीय हैं --- डॉ आचार्य उदयन  

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला      

पंजाब के कपूरथला स्थित आर्य समाज मंदिर का 110 वां वैदिक महा सम्मेलन मंदिर परिसर मे बडी श्रद्धा पूर्वक संपन्न हुआ। इस मौके पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आर्य समाज के प्रतिनिधियों एवं गुरू विरजानंद गुरूकुल करतारपुर के गुरूओ और शिष्यो के सराहनीय योग दान दिया।   

इस मौके पर आर्य समाज का ध्वजारोहण डॉ आचार्य उदयन गुरुकुल करतारपुर के द्वारा सम्पन्न किया गया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि देश में कुरीतियों और बुराइयों का विनाश तब तक नहीं हो सकता है जब तक सभी देशवासियों में यह भाव नहीं पैदा होता कि हम सब भारतीय हैं। यह अवधारणा अगर हर देशवासियों में आ जाए तो कोई कारण नहीं कि देश से बुराइयों न खत्मा न हो जाए।   

जहा इससे भाईचारा बढ़ेगा लोग एक दूसरे के प्रति सहयोग की भावना और समर्पण की भावना से संबंधों को बल देंगे। वही देश मे आपस मे भ्रातत्व की भावना भी समृद्ध होगी। इस मौके पर उन्होंने पंजाब में बढ़ते हुए मताअंतरण पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। और कहा कि जिस गति से लोग हिंदू धर्म को छोड़कर अन्य धर्मों की ओर चले जा  रहे हैं यह देश की एकता और अखंडता की अवधारणा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। 

डॉ आचार्य उदयन ने कहा कि सभी अपने आंतरिक आपसी ऊंच नीच के मत भेदों को भूलाकर हम सब भारतीय हैं और हिंदुत्व भाव के सजग प्रहरी इसी मे हम सभी की आन-बान और शान है। इस भावना को हर हाल में जीवित रखना है। सही अर्थो मे संपूर्ण गायत्री मन्त्र का अर्थो ग्यान हम सभी हिन्दुओ की असली पहचान है। हभसभी को चाहिए कि इस देश के समग्र विकास के लिए देश मे गुरुकुल प्रथा की उत्तरोत्तर विकास के लिए मिलकर कार्य करे।   

समागम में उपस्थित सभी लोगों से यह अपील की है कि जो लोग धन से सेवा नहीं कर सकते तो वह लोग जिस योग्य हैं अपने तन से दिल और दिमाग से और अपने ज्ञान से भी सेवा कार्य संपादित कर सकते हैं। आज जरूरत है आर्य समाज पद्धति और इसकी अवधारणा को यथावत बनाए रख की। इस गुरुकुल प्रथा का निरंतर विकास होना बहुत ही आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि हम सब में ऊंच-नीच की भावना किसी भी हाल में ठीक नहीं। आज देश विरोधी ताकतो ने यह प्रचलित और प्रसारित कर रही है कि आर्य यहा के मूल वासी नही है। बल्कि यह सब बाहरी है। जोकि सत्य नही है।   

इस अवसर पर प्रधान गुरू विरजानंद गुरुकुल करतारपुर ध्रुव मित्तल ने भी देश मे बढते मतांतरण की गति विधियो पर गहन चिंतन मनन मंथन करते हुए कहा कि भारत देश की अखंडता हेतु आज आर्य समाज की सक्रियता प्रासंगिक है। इस के अलावा उन्होंने बेबाकी से करतारपुर गुरुकुल की गतिविधियो पर भी रोशनी डाली।जिसमे आर्य समाजी और उनकी भावी पीढ़ी के किशोर एवं युवाओ के समग्र शैक्षिक विकास हेतु की जा रही सभी नि:शुल्क सुविधाओ का प्रचार-प्रसार किया।   

इस मौके पर डीएवी माडल पब्लिक स्कूल एवं हिन्दू पुत्री पाठमाला के छात्र छात्राओ द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा डा. सामश्री सहायक आचार्य आर्य कॉलेज पानीपत ने अपने प्रवचनो से वर्तमान मे आर्य समाज की प्रासंगिकता पर रोशनी डाली। इनके अतिरिक्त सुख पाल आर्य सहारनपुर वाले और डीएवी स्कूल के विद्यार्थियो ने भजन-कीर्तन कर वातावरण को धार्मिकता के भावो से सराबोर किया।   

कस मौके पर आर्य समाज के प्रधान कपूर चंद गर्ग ने सभी मेहमानो का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर उप प्रधान धर्मपाल उप्पल, उपाध्यक्ष सीता ढंड, मंत्री विमल गुप्ता, कोषाध्यक्ष नरेंद्र सूद, उप प्रधान कमलेश अरोड़ा, उप प्रधान सुरेश अग्रवाल, रजनीकांत संदीप उप्पल, संजीव लकी सतीश अरोड़ा और अमनदीप कौर आदि उपस्थित थे।   


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