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NPS के खिलाफ सोशल मिडिया पर पूरे देश में कर्मिओ का संघर्ष .... ???

- अपनी बात पहुंचाने का सशक्त माध्यम है सोशल मीडिया --- अमरीक सिंह   

- हमें अपनी एकता व ताकत को मजबूत करते हुए आगे बढ़ना होगा --- भरत राज   

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला     

फ्रंट अगेंस्ट NPS इन रेलवे व NMOPS द्वारा पूरे देश में पुरानी पेंशन की बहाली के लिए लगातार संघर्ष किया जा रहा है। इसी संघर्ष की अगली कड़ी में राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संविधान दिवस के अवसर पर पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण का विरोध करते हुए ट्विटर पर महाअभियान चलाया गया।  

ट्विटर पर फ्रंट अगेंस्ट NPS इन रेलवे व NMOPS द्वारा चलाया जाने वाला हैशटैग # ConstitutionalRightOPS था। क्योंकि 26 नवंबर को संविधान दिवस पर पुरानी पेंशन योजना बहाली जो हमारा संवैधानिक अधिकार है। इसलिए यह हैशटैग चुना गया। जिससे देशभर के लगभग 70 लाख कर्मचारियों की संवैधानिक माँग को जिम्मेदारों तक पहुँचाया जा सके।   

फ्रंट अगेंस्ट NPS इन रेलवे के राष्ट्रीय अध्यक्ष व NMOPS के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव तथा IREF के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अमरीक सिंह ने बताया कि सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का ट्विटर एक सशक्त माध्यम है। साथ ही आज सविधान दिवस पर सही अवसर भी है अपनी माँग को सरकार तक पहुँचाने का, क्योंकि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है और इसी संवैधानिक अधिकार की मांग करते हुए FANPSR व NMOPS ने देशव्यापी ट्विटर महा अभियान चलाया जो दिन भर टॉप ट्रेंड करता रहा।   

उन्होंने कहा कि आज का दौर सोशल मीडिया का दौर है, आज के समय में सोशल मीडिया का अपना एक बहुत बड़ा महत्व है। जिसे बखूबी समझते हुए देश के समस्त नई पेंशन स्कीम के अधीन आते कर्मचारियों नें अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए अपने मुद्दे को घंटो टॉप ट्रेंड कराया यह इस बात का प्रमाण है की कर्मचारी जाग चुका है और अपना अधिकार लेकर ही दम लेगा।  

फ्रंट के राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र पाल ने कहा कि एक जनवरी 2004 उसके बाद सरकारी सेवा में आए सभी कर्मचारियों तथा आधिकारियों पर नई पेंशन स्कीम ठोक दी गई जो शेयर बाजार आधारित निश्चित लाभ की जगह निश्चित कटौती पर आधारित अंशदाई (कंट्रीब्यूटरी) पेंशन स्कीम है। जिसमें हम कर्मचारियों के वेतन तथा महंगाई भत्ते से 10% कटौती तो निश्चित है परंतु रिटायरमेंट के बाद पेंशन निश्चित नहीं है। जिसके खिलाफ संघर्ष अब देश भर में अपने चर्म की ओर तेजी से बढ़ रहा है।   

फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे के राष्ट्रीय अतिरिक्त सचिव, भरत राज ने कहा कि भारतीय रेलवे में 2012-13 से इंडियन रेलवे इमपलाईज फेडरेशन द्वारा अपने गठन से ही एनपीएस के खिलाफ संघर्ष की शुरुआत कर दी थी। अब यह संघर्ष फ्रंट अगेंस्ट NPS इन रेलवे के बैनर तले भारतीय रेलवे के लगभग 14 ज़ोन में पहुंच चुका है। देशभर में प्रचंड रूप धारण कर चुके संघर्ष के आगे झुकते हुए राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा पंजाब राज्य की सरकारों ने पुरानी पेंशन स्कीम बहाल कर दी है। यह फ्रंट अगेंस्ट NPS इन रेलवे तथा नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के संघर्ष की बहुत बड़ी जीत है। अब समय आ गया है कि हमें अपनी एकता व ताकत को मजबूत करते हुए अपने मिशन पुरानी पेंशन स्कीम की तरफ और तेजी से बढ़ना है। यकीनन हमारा संघर्ष हमारे बुढ़ापे की लाठी हमारे हाथों में पकड़ा देगा।   

आईटी सेल साथी अखिलेश कुमार ने इस ट्विटर अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि 26 नवंबर को दोपहर 12 बजे जैसे ही हमारा हैशटैग # ConstitutionalRightOPS ट्वीट होना प्रारंभ हुआ कुछ ही मिनटों में टॉप ट्रेंड पर आ गया और देर शाम तक टॉप ट्रेंड में लगातार बना रहा।   




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