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स्वतंत्रता संग्राम नायकों को समर्पित संगोष्ठी ------ "विक ना जाए वतन मेरा" गीत से हुआ शुभारंभ ...

- पर्यावरण को बचाने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा --- लेखक नूरपुर   

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला      


शहीद भगत सिंह विचार मंच रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला ने स्थानीय वर्कर क्लब में पर्यावरण, मिलावटी खाने-पीने और स्वास्थ्य विषय पर देश के स्वतंत्रता संग्राम के सभी नायकों को समर्पित एक संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत नन्ही बच्ची कन्नू प्रिया ने "विक ना जाए वतन" गीत गाकर की। 

मंच के अध्यक्ष धर्मपाल ने कहा कि स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है जो हमारे लिए बहुत खुशी और गर्व की बात है।  लेकिन स्वतंत्रता का दूसरा दुखद पहलू यह है कि पंजाब और बंगाल के सांप्रदायिक विभाजन के कारण लोगों का नरसंहार, विस्थापन और बहुत आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।  आज भी देश में उस समय के हालातों के समान हालात बनाने का प्रयास किया जा २हा है।

 मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे पर्यावरणविद् और विख्यात लेखक गुरचरण सिंह नूरपुर ने कहा कि समय की मांग है कि पर्यावरण को बचाने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा, नहीं तो धरती पर इंसानों समेत तमाम जीवों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।  

विकास का जो मॉडल चल रहा है उससे प्रकृति को बहुत नुकसान हो रहा है।आज धन की अंधी दौड़ के कारण जल,जंगल,जमीन,वायु आदि बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।  नदियों के प्रदूषित पानी और मिलावटी खाने-पीने की चीजों के कारण लोग बड़े पैमाने पर कैंसर जैसी भयानक लाइलाज बीमारियों से पीड़ित हैं।  हरित क्रांति के नाम पर हम उर्वरकों और रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग से फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं।  

आज पानी के कब्जे की जंग है, निकट भविष्य में पानी को लेकर तीसरा विश्व युद्ध लड़ा जाएगा।  आने वाले कुछ सालों में तकनीकी रूप से दुनिया में एक बड़ा बदलाव आएगा ।  अगर हम स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो हम अपनी जीवनशैली में बदलाव करके, स्वच्छ भोजन करके और सादा रहन सहन रख कर ही बीमारियों और डॉक्टरों की दवाओं से बच सकते हैं।

 मंच के सचिव चंदर भान ने अतिथियों और बड़ी संख्या में आए श्रोताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि मंच नियमित रूप से समाज के समसामयिक मुद्दों पर संगोष्ठी और वाद-विवाद का आयोजन करता है। मंच प्रबंधन की जिम्मेदारी युवा साथी भरत राज द्वारा निभाई गई ।  

इसके अलावा साथी गुरजिंदर सिंह, अमरीक सिंह, रामदास, सरदार परमजीत सिंह खालसा, बूटा राम, अवतार सिंह, सुरिंदर कुमार, आदेश कुमार ने भी अपनी महत्वपूर्णव भूमिका निभाई । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बहनें अमनप्रीत कौर, मैडम परमिंदर कौर, मैडम कांता रानी, ​​आशा रानी, रिंपलप्रीत, मोनिका, परमजीत कौर, दर्शन रानी आदि मौजूद रहे।     





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