आप सांसद अशोक मित्तल के बाद अब संत सीचेवाल पर लगे सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप ...
- कांग्रेस विधायक खैहरा ने सुल्तानपुर लोधी में ट्रस्ट के नाम पर लाखो की सरकारी भूमि पर कब्ज़ा किये जाने की शिकायत भेजी CM मान
- सीचेवाल ने माना भूमि सरकारी लेकिन तत्कालीन चेयरमैन हरजिंदर सिंह से खरीदी
खबरनामा इंडिया ब्यूरो। कपूरथला
पंजाब के भुलत्थ क्षेत्र से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने LPU के चांसलर व आप के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के बाद अब आप के दूसरे राज्यसभा सदस्य पदमश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल पर एक ओंकार चैरिटेबल ट्रस्ट निर्मल कुटिया सीचेवाल के नाम पर जमीन कब्जाने के आरोप लगाए हैं।
इस संबंध में CM भगवंत मान को लिखे पत्र में बताया कि संत सीचेवाल के सुल्तानपुर लोधी के दो गांव जामेवाल में 56 कनाल 7 एकड़ व फतेहवाला में 112 कनाल 14 एकड़ जमीन पर कब्जा कर रखा है। जबकि राजस्व विभाग में इस जमीन की मालकियत पंजाब सरकार है। खैहरा ने संत सीचेवाल से इन दोनों गांवों में ट्रस्ट के जरिये अवैध कब्जा करके रखी सरकारी जमीन को छुड़वाने के लिए सीएम को लिखा है। जबकि खेहरा ने इसकी एक कॉपी बकायदा पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल को भी भेजी है।
वहीँ दूसरी तरफ राज्सभा सदस्य पदमश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने माना कि उक्त जमीन सरकारी है, लेकिन उन्होंने यह तत्कालीन चेयरमैन हरजिंदर सिंह खरीदी है।
विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने CM व पंचायत मंत्री को लिखे पत्र में बताया कि चूंकि ‘आप’ की सरकार पंचायत की भूमि पर शक्तिशाली राजनेताओं, अधिकारियों और भू-माफियाओं की ओर से अवैध अतिक्रमण से छुड़ाने के लिए प्रयासरत है। इस पत्र के माध्यम से संत बलबीर सिंह सीचेवाल के स्वामित्व वाले ट्रस्ट की ओर से कपूरथला जिले में इस तरह के अवैध कब्जे का मामला उनके संज्ञान में लाना चाहता हूं। यह सरकारी भूमि तहसील सुल्तानपुर लोधी के गांव जामेवाल और फतेहवाला के दो गांवों के अधीन हैं। पत्र के साथ लगे 2018-19 राजस्व विभाग की जमा राशि के अनुसार उक्त ट्रस्ट नंबर 4 कब्जाकार है, जबकि नंबर 3 मालिक में पंजाब सरकार है।
आप के सांसद बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल के स्वामित्व वाले उक्त ट्रस्ट का गांव जामेवाल में 56 कनाल या 7 एकड़, जबकि गांव फतेहवाला में 112 कनाल या 14 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है। खैहरा ने कहा कि पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल अक्सर अवैध अतिक्रमण से छुटकारा पाने के लिए ऐसे गांवों का दौरा करते हैं और इसी तरह आप भी हाल ही में 2828 एकड़ जमीन पर दावा करने के लिए छोटी बद्दी नागल गांव पहुंचे, भले ही आपके दावे विवादित हों, लेकिन उक्त सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का यह मामला राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार पूरी तरह से स्पष्ट है।
यहां यह भी उल्लेख किया जाना चाहिए कि कब्जाधारियों की ओर से अवैध खेती रिकॉर्ड के बॉक्स नंबर 2 में स्पष्ट रूप से लिखी गई है। यह भी एक तथ्य है कि उक्त ट्रस्ट की ओर से दशकों से इस भूमि का उपयोग कृषि के लिए किया जा रहा है, लेकिन ट्रस्ट ने कभी भी संबंधित पंचायतों के पास कोई आय जमा नहीं की है जो उन्हें सरकार का डिफाल्टर भी बनाती है।
खैहरा ने कहा कि आप पार्टी के राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल जैसे प्रभावशाली हस्तियों की ओर से ऐसी भूमि पर अवैध कब्जे का इससे बड़ा मामला नहीं हो सकता। इन अवैध व्यवसायों से छुटकारा पाने के लिए आपके पास एक उदाहरण स्थापित करने का एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि यदि आप अभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते हैं, तो यह माना जाएगा कि आपका अभियान आपके विरोधियों जैसे सांसद सिमरनजीत सिंह मान आदि के खिलाफ है और राजनीति से प्रेरित है। उन्हें उम्मीद है कि आप इस मामले में जल्द से जल्द न्याय करेंगे।
उन्होंने कहा कि वह यह भी बताने योग्य हैं कि सीएम ने सांसद अशोक मित्तल के स्वामित्व वाली LPU के खिलाफ उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की है। जिन्होंने नानक नगर की पंचायत को सहमति दी है, जिसकी ग्राम चहेड़ू की पंचायत भूमि में 39 फीसदी हिस्सेदारी है। चहेरू गांव की 13.25 एकड़ जमीन 100 करोड़ रुपये की अदला-बदली से हड़प ली गई। एलपीयू की ओर से हस्तांतरण में दी गई भूमि बंजर भूमि है और इसकी कीमत केवल 15 लाख रुपये प्रति एकड़ है। उक्त गलत स्थानांतरण को पंचायत मंत्री के हस्ताक्षर से निरस्त किया जा सकता है। अब यह परखने का समय है कि आप अपनी ही पार्टी के शक्तिशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की क्षमता रखते है या नहीं।
वहीँ राज्सभा सदस्य पदमश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल से हुई वार्ता में उन्होंने माना कि जमीन सरकारी है, लेकिन उन्होंने यह तत्कालीन चेयरमैन हरजिंदर सिंह खरीदी है। बाकायदा भुगतान किया गया है। वहीं सरकार को भी दो-तीन किस्त अदा की गई है, लेकिन उसके बाद सरकार ने नोटीफिकेशन जारी करके काब्जकारों के नाम कर दी। इस भूमि पर गऊशाला हैं, जहां पर गऊएं रहती हैं, उनके खाने के लिए चारा बीजा जाता है। वहीं यहां पर पहले कूड़े के ढेर लगते थे, जिन्हें हटाकर उन्होंने कारसेवा के जरिये यहां पौधे लगवाकर हरा-भरा बनाया।
सुखपाल खैहरा की ओर से सीएम को लिखे पत्र की बात करें तो सीएम मान, पंचायत मंत्री धालीवाल व खुद सुखपाल खैहरा आए और यहां का संचालन अपने हाथ में लें, गऊशाला की गऊओं की सेवा करें, उन्हें बेहद खुशी होगी। जब चाहें सरकार इसे अपने संचालन में ले सकती हैं, वह तत्काल यहां से हट जाएंगे।

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