कैप्टन बनाम सिद्धू ... प्रदेश कांग्रेस में कलह के चलते हाई कमान उठा सकती बड़ा कदम, नवजोत सिद्धू को मिल सकती है अहम जुम्मेदारी ... ??
पंजाब कांग्रेस में अंतर्कलह इस हद तक बढ़ गई है कि सीएम कैप्टन और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच का विवाद कम होता नजर नहीं आ रहा है। हालत ऐसे है कि इस कलह को लकेर पंजाब से लेकर दिल्ली तक हलचल है। जहाँ एक तरफ नवजोत सिंह सिद्धू दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ कैप्टन 'लंच डिप्लोमेसी' करने में लगे हुए है। इन हालातो में पार्टी सूत्रों की मने तो हाई कमान जल्द ही कोई बड़ा फैसला लेते हुए नवजोत सिंह सिद्धू को अहम जुम्मेदारी सौंप सकते है। और आसार यह भी है की सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष की जुम्मेदारी मिल सकती है।
बात दे कि प्रदेश कांग्रेश में अंतर कलह के चलते कांग्रेस विधायकों की नब्ज टटोलने के लिए कैप्टन ने हिन्दू नेताओं और पूर्व विधायकों को चंडीगढ़ स्थित सीएम आवास पर आज वीरवार को लंच पर बुलाया। इस लंच को कैप्टन के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। कैप्टन से मिलने वालों में शहरी क्षेत्रों के विधायक शामिल रहे। अमरिंदर ने बटाला से कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री अश्वनी सेखड़ी को भी न्योता दिया था।
वहीं दूसरी तरफ नवजोत सिंह सिद्धू दिल्ली हाईकमान से मिलने पहुंच गए हैं और वहां पर उन्होंने प्रियंका वाड्रा और अन्य नेताओं से मुलाकात की है
दरअसल कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में लगातार हो रही उपेक्षा से हिंदू नेता नाराज हैं और पार्टी के दूर होते जा रहे हैं। पंजाब कैबिनेट में पांच हिंदू मंत्री हैं। हिंदू मंत्रियों में ब्रह्म मोहिंदरा, ओपी सोनी, विजय इंदर सिंगला, सुंदर श्याम अरोड़ा और भारत भूषण आशु शामिल हैं। अमृतसर वेस्ट से विधायक राजकुमार वेरका भी हैं। मुख्यमंत्री ने यह बैठक ऐसे समय में की, जब कांग्रेस में नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपने की चर्चा चल रही है। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस के दो अहम ओहदे जट्ट सिखों के हिस्से में चले जाएंगे।










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