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मलोट की घटना के संबंध में भाजपा का प्रतिनधि मंडल मिला गवर्नर से.... कैप्टन से इस्तीफे की मांग की.....

घटना में विधायक नग्न नहीं हुआ है अपितु पूरी विधानसभा नग्न हुई -- अश्वनी शर्मा \

मलोट और कपूरथला की घटनाओ ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर लगाया प्रश्न चिन्ह  

- मलोट में विधायक पर हमला करने वाले चार काबू वीडियो के आधार पर 23 की हुई पहचान 

खबरनामा इंडिया ब्यूरो। पंजाब 

पंजाब के मलोट में अबोहर के बीजेपी विधायक अरुण नारंग के कपड़े फाड़ने और मारपीट के मामले में भाजपा के प्रतिनधि मंडल ने रविवार को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे की मांग की है। वहीँ पंजाब पुलिस ने दावा किया है कि इस मामले में करीब 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की साजिश का मामला दर्ज किया गया। इस घटना पर राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने भी चिंता जाहिर की है।

बता दे कि पंजाब बीजेपी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के नेतृत्व में रविवार को एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को मिला। प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंप कर विधायक के साथ हुई मारपीट को लेकर विरोध दर्ज करवाया और राज्य में कबिगड़ती हुई कानून व्यवस्था लेकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को जिम्मेदार ठहराया है। ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अश्वनी शर्मा ने कहा कि घटना में विधायक नग्न नहीं हुआ है अपितु पूरी विधानसभा नग्न हुई है। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में विधायक ही सुरक्षित नहीं है वहां आम जनता कितनी सुरक्षित इसका सहजता से अंदाजा लगाया जा सकता है। भाजपा अध्यक्ष का कहना है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह किसानों के कंधों पर बंदूक रखकर राज्य में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

हालाँकि पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बीजेपी नेताओं को आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा है कि मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सख्त कार्रवाई के आदेश के बाद पूरे मामले में 250 से 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा- 307 सहित 353,186, 188, 332, 342, 506, 148, 149 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दूसरी तरफ मलोट से संवाददाता संदीप के अनुसार विधायक अरुण नारंग पर हमला करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने काबू कर लिया है और वायरल हुई वीडियो फुटेज के आधार पर 23 अन्य की पहचान भी कर ली गई है।

गौरतलब है कि पंजाब में कृषि कानूनों को लेकर भाजपा के प्रति किसानों और किसानो के हितेषी बने लोगो का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। बीते शनिवार को सरकार के चार साल के कार्यकाल की नाकामियों को उजागर करने के लिए मलोट पहुंचे अबोहर के भाजपा विधायक अरुण नारंग के किसानों ने कपड़े फाड़ कर उनकी पिटाई कर दी गई। वहीँ रविवार को कपूरथला में भी भाजपा नेताओ को मलोट की घटना के सम्बन्ध में लोकतांत्रिक ढंग से पुतला फुक्ने के कार्यकर्म में विघ्न डाला गया। जबकि देश में लोकतंत्र तरिके से हर किसी को रोष जताने और अपनी बात रखने का अधिकार है। हालाँकि कपूरथला में कुछ देर बाद उसी स्थान पर भाजपा नेताओ ने कैप्टन का पुतला जलाकर मलोट की घटना का रोष जता दिया। लेकिन मलोट और कपूरथला की दोनों घटनाओ ने कानून और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। 

 दूसरी तरफ कपूरथला के मामले में पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने गंभीरता दिखाते हुए भाजपा नेताओं के कार्यक्रम में विघ्न डालने वाले प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज करवाने की बात भी कही है।

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