अनचाहे बच्चों के लिए उम्मीद की किरण ..... प्रशासन ने उठाया यह कदम, पढ़े क्या .??
- अनचाहे नवजात बच्चे को फेंकने की बजाये अब झूले में डालें, गुप्त रखी जायगी पहचान
- बच्चो की स्वास्थ्य सुरक्षा, पालन पोषण एवं अडापट करने तक की व्यवस्था कायम
खबरनामा इंडिया ब्यूरो। कपूरथला, पंजाब
कपूरथला जिले में अनचाहे बच्चों के लिए उम्मीद की किरण ‘झुला’ योजना की शुरुआत कर दी गई है, जिस के अंतर्गत लोग अपने अनचाहे या त्यागे बच्चे को फेंकने की जगह इस झूले में डाल कर उसको नई ज़िंदगी दे सकेंगे।
डिप्टी कमिशनर कपूरथला दीप्ति उप्पल ने आज इस झूले का सिविल अस्पताल में स्थित सखी वन स्टाप सैंटर में उद्घाटन किया। उन्होने बताया कि इस योजना का उदेश्य अनचाहे बच्चों की अच्छे भविष्य को यकीनी बनाने के लिए उनकी सुरक्षा से लेकर अडापशन तक की व्यवस्था कायम की गई है।
सखी वन स्टाप के बाहर स्थापित किये गए झूले में कोई भी व्यक्ति अनचाहे नवजात बच्चे को छोड़कर जा सकता है। और इस से सबंधित केयर टेकर को अवगत करवाने के लिए वहाँ एक घंटी भी लगाई गई है। अनचाहे बच्चे को छोड़ने वाले की पहचान गुप्त रखी जायेगी और ऐसे मामलों के लिए मोबायल नंबर 78146 -76459 भी जारी किया गया है।
डिप्टी कमिशनर ने कहा कि ज़िला प्रशासन ने अनचाहे बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए विस्तरित योजनाबंदी की गई है, जिस के अंतर्गत बच्चो झुले में आमद के तुरंत के बाद उसका मैडीकल चैकअप किया जायेगा और 72 घंटो के अंदर -अंदर उसकी अडापशन के लिए सबंधित बाल विकास विभाग की तरफ से कार्यवाही पुर्ण की जायेगी।
उन्होने कहा कि झूले में बच्चो की आमद बारे निगरानी रखने के लिए सखी वन स्टाप में सामाजिक सुरक्षा विभाग की तरफ केयर टेकरों की नियुक्ति भी की गई है। इस अवसर पर एस.डी.एम. सुलतानपुर लोधी डा. चारूमिता, सिविल सर्जन डा. सुरिन्दर कुमार, ज़िला प्रोग्राम अधिकारी स्नेह लता और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।










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