Breaking...... सरकार की तरफ से कभी कोरोना पॉजिटिव तो कभी नेगेटिव होने का मैसेज पाने वाले बैंक कर्मी की एक और रिपोर्ट आई.... देखे क्या है....??
- सोमवार को पुनः कोरोना टेस्ट करवाने पर रिपोर्ट आई नेगेटिव, परेशानी हुई दूर
खबरनामा इंडिया संवाददाता। कपूरथला, पंजाब
कपूरथला जिले में एक बैंक कर्मी को अपने कोरोना सेम्पल के बाद कोरोना से संबंधित स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल से प्राप्त हुए दो मैसेज से बनी दुविधा आज खत्म हो गई है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की कारवाही संदेह के घेरे में अभी भी है। कभी पॉजिटिव और कभी नेगेटिव होने के मेसेज प्राप्त करने वाले बैंक कर्मी की परेशानी के चलते आज उसने सिविल अस्पताल से पुनः टेस्ट करवा लिया है। और टेस्ट करवाने वाले सागर ने बताया कि सोमवार को उसने सिविल अस्पताल के लैब से एंटीजन टेस्ट करवाया जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली है।
बता दें कि कपूरथला वासी सागर ने अपने बैंक के कुछ साथियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद सरकार की जागरूकता मुहिम को देखते हुए खुद अपना कोरोना टेस्ट करवाया था। जिसके बाद उसको स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उसके पॉजिटिव होने का मैसेज प्राप्त हुआ। उक्त मैसेज मिलने के बाद उसने अपने आपको होम आइसोलेट करने के लिए दस्तावेज भी तैयार करवा लिए थे। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की संदिग्ध कार्यवाही के चलते अगले दिन उसको मोबाइल पर एक और मैसेज मिला जिसमें लिखा था कि आपकी रिपोर्ट नेगेटिव है। स्वास्थ्य विभाग कि इस गतिविधि से सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग की कार्यवाही या शक के घेरे में खड़ी हो गई थी। दोनों मैसेज प्राप्त होने के बाद बैंक कर्मी सागर के लिए दुविधा बनी हुई थी कि वह संक्रमित है या नहीं इस बात का क्लेरिफिकेशन कोई भी करने को तैयार नहीं था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर उसको पॉजिटिव होना ही करार दे रहे है। और उसको आइसोलेशन होने की सलाह भी दी जाती रही है।
सागर ने अपनी दुविधा को देखते सोमवार को फिर से सिविल अस्पताल से एंटीजन टेस्ट करवाया। जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। नेगेटिव रिपोर्ट की पुष्टि विभाग के अधिकारिओ ने भी की है। सोमवार की टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद बैंक कर्मी सागर ने राहत की सांस ली है।
ऐसे हालातो में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाने वाली गतिविधिया कहीं न कहीं संदेह के घेरे में आ रही है। इसमें सिस्टम एरर कहो तय किसी कर्मी की गलती लेकिन जिस व्यक्ति को इस तरह के सन्देश मिलते ही उसकी परेशानी बढ़ना तो स्वाभाविक है।
सिविल सर्जन डॉ जसमीत कौर ने बताया कि मरीज की पहली रिपोर्ट ही सही है वैसे इस मामले की गंभीरता से जाँच की जायगी।













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