हक़ की मांग...... स्टाफ नर्सिंग यूनियन ने अपनी मानगो को लेकर रोष प्रदर्शन के बाद डीसी को दिया ज्ञापन
- सिविल की सभी स्टाफ नर्स पिछले चार दिन से 2 घंटे काम बंद कर दे रही है धरना
- बोली -- सरकार द्वारा नर्सिंग पेशे को किया जा रहा है डी-ग्रेड
सिविल अस्पताल की समूह नर्सिंग स्टाफ ने आज चौथे दिन भी अपनी मांगों को लेकर काले बिल्ले लगाकर इमरजेंसी के बहार रोष प्रदर्शन किया। और फिर डीसी कपूरथला को एक मांगपत्र भी सौंपा गया। रोष कर रही नर्सिंग स्टाफ की मांग है कि उनका वेतन क्लास फोर से कम है। और इस सबंध में पहले भी उन्होंने कई बार अपनी मांगों लेकर विभाग के अधिकारिओ से बात भी की है। लेकिन उनकी समस्या का कोई हल नही हो रहा है। बल्कि कम वेतन देकर सरकार द्वारा नर्सिंग पेशे को डी-ग्रेड करने की कोशिश की जा रही है।
धरना प्रदर्शन कर रही सभी नर्सिंग स्टॉफ ने पंजाब सरकार मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग द्वारा जारी किए नोटिफिकेशन जरिए भर्ती करने के लिए कहा गया है। जिसके तहत फार्मासिस्ट की तन्ख्याह 20 हजार रुपए प्रति महीना, लैब टेक्निशियन 25 हजार रुपए महीना, लैब अटेंडेंट तथा स्टाफ नर्स की तनख्याह 10 हजार 777 रुपए निर्धारित की गई है। जिस से साबित हो रहा कि सीधे तौर पर नर्सिंग पेशे को डी-ग्रेड करने की कोशिश है। जबकि शुरू से ही नर्सिंग कैडर का ग्रैड-पे सबसे अधिक होता है। उनकी यह भी मांग है कि अन्य प्रदेशो के स्तर पर नर्सिंग स्टाफ के डेजिनेशन को बदल कर नर्सिंग ऑफिसर किया जाये। नर्सिंग स्टाफ यूनियन ने कहा कि जब तक मांगे नहीं मानी जाती तब तक रोजाना 2 घंटे (सुबह 10 से 12 बजे तक) काम छोड़ कर रोष धरना जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में हालात देखते हुए प्रोटेस्ट की रुपरेखा बदली भी जा सकती है।












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