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शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी के जन्मदिवस को समर्पित इंकलाबी नाटक का लाइव मंचन

 - शहीद भगत सिंह विचार मंच की तरफ से फेसबुक लाइव करवाया 

खबरनामा इंडिया (गगनदीप), कपूरथला

हमारे शहीद हमारे लिए कुछ कार्य अधूरे छोड़ कर गए हैं उन्हे हम सब ने मिल जुलकर पूरा करना है। उक्त जागरूकता पूर्ण शब्द मुख्य वक्ता रेल कोच फैक्ट्री परिषद में शहीद भगत सिंह विचार मंच द्वारा आयोजित लाइव कार्यक्रम के दौरान अमोलक सिंह प्रधान पंजाब लोक सभ्यचारक मंच ने लोगों को संबोधित होते हुए कहे और बताया कि शहीद भगत सिंह जी ने कहा था कि जब तक मनुष्य के हाथों मनुष्य की लूट होती रहेगी तब तक जंग जारी रहेगी आज हम देखें तो हमारे देश के नेता पूंजी पतियों के साथ मिलकर मेहनत जनता का शोषण कर रहे हैं। 

शहीद भगत सिंह जी के जन्म दिवस पर आयोजित लाइव कार्यक्रम के दौरान प्रैस सचिव तरसेम सिंह गोगी ने कहा कि कि कि मंच बीते हुए कई सालों से इंकलाबी नाटक मेले का आयोजन करता आ रहा है इस बार मेला करोना महामारी को ध्यान में रखते हुए फेसबुक लाइव दिखाया गया । प्रोग्राम में इंकलाबी गीत कोरियोग्राफी और नाटक का आयोजन किया गया।

अमोलक सिंह प्रधान पंजाब लोक सभ्यचारक मंच ने कहा कि किसानों की बात करें तो आर्थिक मंदी के चलते के चलते वह पहले ही खुदकुशियां करने पर मजबूर हैं। और भारत मे आधी से ज्यादा आबादी खेती-बाड़ी पर निर्भर है। अब मोदी सरकार ने संसद में बिना बहस किए खेती कानूनों को पास करा कर कर किसानों को कारपोरेट जगत के हवाले कर दिया है। और लोगों को कंगाली और बंधुआ मजदूरी की तरफ ले जाने के लिए भी लेबर कानूनों में संशोधन कर दिया है। फैक्ट्री में कार्यरत मजदूर अब पूरी तरह मालिकों के रहमों करम पर निर्भर हैं। वह जब चाहे बिना किसी नोटिस के और बिना कोई हिसाब किए नौकरी से बाहर कर सकते हैं उसके लिए उन्हें सरकार से किसी तरह की कोई मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है। 
इस प्रकार यह सरकार मजबूर लोगों को बंधुआ मजदूरी की तरफ धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।  बेरोजगारी की बात करें तो आज देश में बेरोजगारी अपने नए रिकॉर्ड की तरफ बढ़ रही है। क्योंकि पढ़े लिखे नौजवान बड़ी-बड़ी नौजवान बड़ी-बड़ी लिखे नौजवान बड़ी-बड़ी लिखे नौजवान बड़ी-बड़ी लिखे नौजवान बड़ी-बड़ी डिग्रियां लेकर नौकरी पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। वहीं सरकार ने रोजगार की तरफ से हाथ खड़े कर दिए हैं ।
मंच के प्रधान अमरीक सिंह ने मेले को संबोधित करते हुए मेले का मकसद और देश के हालातों के बारे में बताया कि मौजूदा सरकार सरकारी संस्थाओं का निजीकरण कर पूंजी पतियों पतियों पूंजी पतियों पतियों के हवाले कर रही है। प्रोग्राम को सफल बनाने में मंच के सदस्यों के साथ साथ सभ्याचार टीम का भी बहुत बड़ा योगदान है। प्रोग्राम में छोटी बच्ची कनुप्रिया, रोबिन, गुरजिंदर सिंह ,बूटा राम सुरेंद्र कुमार, बृजेंद्र सिंह ,तरसेम सिंह, अनिल कुमार, रामदास,भरत राज, कमलप्रीत सिंह, रोबिन सिंह आदि ने विशेष योगदान दिया मंच का संचालन चंद्रभान ने बखूबी निभाया।

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