शिक्षा को लाभदायक बनाने के लिए अध्यापकों को होना पड़ेगा डिजीटली स्मार्ट - प्रो उज्जवल चौधरी
- अध्यापक दिवस और अध्यापकों के योगदान को विद्यार्थियों ने आनलाइन हो कर किया नमन
खबरनामा इंडिया (गगनदीप), कपूरथला
हिंदू कन्या कालेज और हिंदू कन्या कालेजिएट स्कूल के विद्यार्थियों की तरफ से अध्यापक दिवस को समर्पित अलग अलग आनलाइन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । जिस में कालेज और स्कूल के विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
दिन की शुरुआत कालेजिएट स्कूल के विद्यार्थियों की तरफ से आयोजित कार्यक्रम के साथ की गई । एक घंटा चले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की तरफ से गीत, कविता-गान, भाषण, कार्ड मेकिंग, डांस और पीपीटी प्रेजैंटेशन की पेशकारी की गई। कार्यक्रम का संचालन गीता चोपड़ा, 12वीं आर्टस की छात्रा संजीवनी और 11वीं मैडिकल की छात्रा दीक्षा सभ्रवाल ने किया।
तदुपरांत कालेज के विद्यार्थियों की तरफ से भी एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिस का संचालन प्रो सीमा रानी ने किया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की तरफ से गुरू वन्दना, कविता गान, भाषण, कार्ड डिस्पले, डांस, गीत गायन साथ साथ अध्यापकों के लिए आन -लाईन गेमज का आयोजन भी किया गया।
इस के बाद अध्यापिका के लिए इस करोना काल में आए बदलावों पर चर्चा करने के लिए एक ऐकस्टैशन लैक्चर का आयोजन किया गया जिस में एडमस यूनिवर्सिटी कोलकाता के वाइस चांसलर प्रो उज्जवल चौधरी बतौर मुख्य वक्ता इस में शामिल हुए । अध्यापकों को संबोधित करते प्रो चौधरी ने कहा कि आज के दौर में रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और सेहत के इलावा डिजिटल होना हमारी छटी बुनियादी ज़रूरत बन गई है और सरकार को भी विद्यार्थियों और अध्यापकों के लिए इन्टरनेट सुविधाओं पहल के आधार पर और सही दाम पर मुहैया करवाना चाहिए।
शिक्षा को ओर लाभदायक बनाने के लिए अध्यापकों को अपने आप को डिजीटली स्मार्ट बनाना पड़ेगा क्यों कि आने वाले समय में फिजिकल साथ साथ डिजिटल क्लास का दौर ही रहेगा और इस लिए अध्यापकों को नयी तकनीकें, नये तरीकों के साथ जानकार होना पड़ेगा। उन्होंने अध्यापकों के साथ कई तरह के टिप्स भी सांझे किये जिनका प्रयोग करके वह अध्यापन को ओर ज़्यादा रोचक और लाभप्रद बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को अब अध्यापक कम और मैन्टर ज़्यादा बनना पड़ेगा क्यों कि तकनीक के समावेश के साथ बच्चों को ज्ञान साथ साथ विषय की एप्लीकेशन पर भी ज़ोर देना पड़ेगा। उन्होंने इस मौके अपने अध्यापकों के योगदान को भी याद किया और कहा कि अध्यापक हमेशा यह याद रखें कि उन का कंपीटीशन किसी और के साथ नहीं है, सिर्फ़ अपने आप के साथ है।
उन्होंने केंद्र सरकार की नयी शिक्षा नीति लाने की तारीफ़ भी की और कहा कि इस को लागू करवाने के लिए जल्दी ही कानून बनाना चाहिए और इस लिए फंड भी देने चाहिएं। उन्होंने पुरज़ोर तरीके के साथ कहा कि किसी भी हालत में शिक्षा बजट की प्रतिशत 6 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए और सरकार को ज़्यादा ख़र्च बिलडिंग बनाने की बजाय तकनीकी इनफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर लगाना चाहिए।
प्रिंसीपल डा अर्चना गर्ग ने इस मौके बोलते बताया कि कालेज की तरफ से जब की करोना महामारी करके लाकडाउन हुआ है, आनलाइन शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए वर्कशाप और प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सारा ही स्टाफ इस क्षेत्र में बढ़िया काम कर रहा है परन्तु विशेष तौर पर अंग्रेज़ी विभाग से प्रो रीना मल्ली और कंप्यूटर विभाग से इंजी सुनाली शर्मा इस को ओर रोचक बनाने के लिए अपना बेहतर योगदान डाल रहे हैं।
मंच का संचालन इंजी इंद्रजीत बल्ल ने किया और पिरो ऋतु गुप्ता ने मुख स्पीकर की उपलब्धियों पर रौशनी डाली।
इस मौके कालेज प्रबंधकीय समिति के सचिव श्रीमती गुलशन यादव, सह सचिव श्रीमती आदर्श पर्ती, विजन समिति मैंबर श्रीमती रमलेश कांडा, कालेज और कालेजिएट स्कूल का समूह स्टाफ उपस्थित थे।















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