प्रोटेस्ट ...... दूसरे दिन भी स्टाफ नर्सिंग यूनियन ने किया रोष प्रदर्शन, जब तक मांगे नहीं मानी गई तब तक प्रदर्शन रहेगा जारी
- सभी स्टाफ नर्सों ने दो घंटे काम बंद कर एसएमओ कार्यलय के बाहर दिया धरना
- सरकार द्वारा नर्सिंग पेशे को डी-ग्रेड करने की कोशिश
सिविल अस्पताल में शुक्रवार को भी एसएमओ कार्यलय के बाहर समूह नर्सिंग स्टाफ ने अपनी मांगों को लेकर काले बिल्ले लगाकर रोष प्रदर्शन किया। रोष कर रही नर्सिंग स्टाफ की मांग है कि उनका वेतन क्लास फोर से कम है। और इस सबंध में पहले भी उन्होंने कई बार अपनी मांगों से सबंधित एसएमओ को बताया है। लेकिन उनकी समस्या का कोई हल नही हो रहा है। बल्कि कम वेतन देकर सरकार द्वारा नर्सिंग पेशे को डी-ग्रेड करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अपनी मांगो को लेकर एक मांगपत्र डीएचओ डॉ कुलजीत सिंह को भी दिया।
दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन कर रही सभी नर्सिंग स्टॉफ ने पंजाब सरकार मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग द्वारा 6 अक्टूबर 2020 को जारी किए नोटिफिकेशन जरिए भर्ती करने के लिए कहा गया है। जिसके तहत फार्मासिस्ट की तन्ख्याह 20 हजार रुपए प्रति महीना, लैब टेक्निशियन 25 हजार रुपए महीना, लैब अटेंडेंट तथा स्टाफ नर्स की तनख्याह 10 हजार 777 रुपए निर्धारित की गई है। जिस से साबित हो रहा कि सीधे तौर पर नर्सिंग पेशे को डी-ग्रेड करने की कोशिश है। जबकि शुरू से ही नर्सिंग कैडर की ग्रैड पे सबसे अधिक होता है। उनकी मांग है कि अन्य प्रदेशो के स्तर पर नर्सिंग स्टाफ के डेजिनेशन को बदल कर नर्सिंग ऑफिसर किया जाये। इस तरह का भेदभाव किसी भी कीमत पर बर्दाशत नही किया जायगा। नर्सिंग स्टाफ यूनियन ने कहा कि जब तक मांगे नहीं मानी जाती तब तक रोजाना 2 घंटे (सुबह 10 से 12 बजे तक) काम छोड़ कर रोष धरना जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में हालात देखते हुए प्रोटेस्ट की रुपरेखा बदली भी जा सकती है।












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