मॉडर्न जेल में हवालाती की मौत, जेल प्रशासन पर लापरवाही के लगे आरोप
- परिजनों ने सड़क जाम कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की
- मामले की जांच जुडिशल अधिकारी को सौंपने के बाद परिजन हुए शांत
खबरनामा इंडिया (गगनदीप) कपूरथला
कपूरथला मॉडर्न जेल परिसर में एक एनडीपीएस के आरोप में बंद हवालाती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की खबर है। इन हालातो में हवालाती की मौत को लेकर परिजनों ने शनिवार को सिविल अस्पताल के बाहर सड़क जाम कर जहां अपना रोष जाहिर किया, वहीं जेल प्रशासन पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी तरफ मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला एवं सेशन जज किशोर कुमार ने जुडिशल जांच के आदेश दे दिए हैं। शनिवार शाम हो शव का पोस्टमार्टम दौरान वीडियोग्राफी करवाते हुए शव को वारिसों के हवाले कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम को कपूरथला मॉडर्न जेल परिसर से एक एनडीपीएस के हवालाती चरणजीत सिंह 40 वर्षीय वासी पलाही फगवाड़ा को सिविल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के लिए लाया गया। जिसको ड्यूटी डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों सुचना मिलने पर उन्होंने जेल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। और शनिवार को मृतक के पोस्टमार्टम से पहले ही सिविल अस्पताल के बाहर सड़क जाम कर रोष प्रदर्शन किया। रोष प्रदर्शन में शामिल बीएसपी नेता राकेश कुमार दातार पुरी ने बताया कि चरणजीत सिंह एक साल से एनडीपीएस के तहत दर्ज मामले को लेकर मॉडल जेल में विचाराधीन कैदी था।
जिसकी कई दिनों से तबीयत खराब थी। कुछ दिन पहले ही चरणजीत सिंह ने वीडियोग्राफी के माध्यम से हुई वार्ता में अपनी पत्नी को बताया था, कि वह बीमार है लेकिन जेल प्रशासन उसका इलाज नहीं करवा रहा है। इन्हीं आरोपों को लेकर परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि चरणजीत सिंह की मौत वीरवार को ही हो गई थी। लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें शुक्रवार सिविल अस्पताल में लाने के बाद बताया है।
दूसरी तरफ मॉडर्न जेल के सुपरिटेंडेंट बलजीत सिंह घुम्मन ने बताया कि हवालाती चरणजीत सिंह की तबीयत शुक्रवार दोपहर को खराब होने पर उसका इलाज जेल के अस्पताल में करवाया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि चरणजीत सिंह पहले भी अस्थमा का मरीज था। परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं।
वही पुलिस प्रशासन ने धरना प्रदर्शन कर रहे पारिवारिक सदस्यों को जांच का आश्वासन देकर धरना समाप्त करवाया गया। और दूसरी तरफ मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा जुडिशल अधिकारी महेश कुमार को सौंप दिया गया है।














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