कोरोना में मानसिक तनाव से कैसे पाए राहत ..... योग के बावजूद भी नहीं हो रहा कम मानसिक तनाव, तो यह 5 तरीके दे सकते है लाभ
- योग के अलावा हेल्दी डाइट, पसंदीदा कार्य करना, लोगों से बातचीत भी तनाव के स्तर को कर सकती हैं कम
देश में कोरोना वायरस का दौर अभी भी जारी है। बेशक इन 6 माह में कोरोना संक्रमण की रफ़्तार बड़ी है, लेकिन अब धीरे धीरे जीवन की पटरी लाइन आती जा रही है। बच्चों के स्कूल खुलने के संकेत भी सरकार ने दे दिए हैं। हालांकि, कुछ महीने पहले हालात यह थे कि लोगों का घर से निकलना बंद हो गया था। ऐसे में कोरोना से बचाव कर रहे लोग तनाव और चिंता जैसी मानसिक परेशानियों का शिकार हो गए थे।
कई लोगों ने इससे उबरने के लिए एक्सरसाइज या योग का सहारा भी लिया। इतना ही नहीं एक्सपर्ट्स भी अमूमन तनाव कम करने के लिए आउटडोर एक्टिविटीज की सलाह देते हैं। लेकिन हाल ही में आई एक स्टडी की रिपोर्ट में यह गतिवधि के दावे पूरे नहीं उतरे है।
वॉशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने लोगों पर की गई स्टडी में पाया कि कोरोना के कारण हुए तनाव और चिंता को कम करने के लिए एक्सरसाइज या योग ही काफी नहीं है। एक पत्रिका में प्रकाशित स्टडी में शोधकर्ताओं ने 900 जोड़ों को शामिल किया था। यह स्टडी महामारी के शुरुआती दिनों में की गई थी।
बता दे कि इस स्टडी में यह भी मालूम हुआ है कि स्टे एट होम यानी घर में रहने के आदेश के दो हफ्ते बाद फिजिकल एक्टिविटी कम करने वाले लोगों में ज्यादा तनाव और चिंता नजर आई। हालांकि, इसकी उम्मीद पहले ही थी। लेकिन दिलचस्प बात है कि जिन लोगों ने ज्यादा एक्सरसाइज की वे भी चिंता और तनाव का शिकार हो गए।
प्रोफेसर ग्लैन डंकन के अनुसार "निश्चित रूप से जो लोग एक्सरसाइज या योग नहीं करते हैं। वह जानते हैं कि यह मेंटल हेल्थ से जुड़ा होता है। फिर भी ज्यादा एक्सरसाइज करने वाले लोगों ने तनाव और चिंता को बढ़ा हुआ पाया। उन्होंने यह भी कहा कि यह कहना मुश्किल है कि आखिरकार चल क्या रहा है, लेकिन ऐसा हो सकता है कि वह लोग एक्सरसाइज या योग का उपयोग कोविड 19 के कारण हुई स्ट्रेस और एन्जायटी से लड़ने के लिए कर रहे हैं।
सर्वे में शामिल लोगों से उनकी फिजिकल एक्टिविटी के बारे में सवाल किए गए। इनमें से 42% ने कहा कि कोविड संकट शुरू होने के बाद फिजिकल एक्टिविटी में कमी आई है, जबकि 27% लोगों ने फिजिकल एक्टिविटीज बढ़ा दी थीं। 31% लोगों की एक्टिविटी में कोई बदलाव नहीं आया था।
- योग के अलावा इन 5 तरीको से मेंटल हेल्थ का ध्यान रख सकते है
बताने योग्य है कि कोरोना संकट में घर में रहने के कारण टीवी, मोबाइल और इंटरनेट से वास्ता और भी बढ़ा है। इसी वजह से हम कोविड 19 की जरूरत से ज्यादा जानकारी हासिल कर रहे हैं। यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में समाचार देखें लेकिन केवल अपडेट रहने के लिए। अपने रोज के न्यूज इनटेक को थोड़ा कम कर दें।
मौजूदा समय में परिवार और अपनी मेंटल हेल्थ का खास ख्याल रखने के लिए आपको इमोशनल तौर पर मजबूत होना होगा। अगर ऐसा नहीं है तो आपको किसी भी बात को समझने और फैसले लेने में मुश्किल होगी।
वहीँ कई बार हम मानसिक रूप से परेशान होने के कारण उन चीजों और कार्यो को पीछे छोड़ देते हैं। जिन्हें हम सबसे अधिक पसंद करते हैं। आखिरकार वहीं कार्य हैं जो हमें खुश रखते हैं। लगातार एक रुटीन के कारण भी हमें उलझन महसूस होती है। अपने लिए नई एक्टिविटीज की तलाश करे और उन कार्यो में मन लगाएं जो आपको खुशी का एहसास करवाते है। अपनी एक्टिविटीज में बच्चों और परिवार को भी शामिल करें।
कोरोना महामारी के दौरान हमारा लोगों से मिलना काफी कम हो गया है। मानसिक तौर पर परेशान होने का यह भी एक बड़ा कारण हो सकता है। हम कई बार हमारी मन की बातें किसी से कह नहीं पा रहे और यह बात हमें परेशान कर रही है। ऐसे में टेक्नोलॉजी की मदद लें और वीडियो या कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए दोस्तों या रिश्तेदारों से जुड़ें रहे। इससे तनाव में कमी आएगी।अगर आपने कोरोना के तनाव से बचना है तो शरीर की देखभाल भी जरूर करें। घर में रहकर ही गहरी सांस, स्ट्रेचिंग और ध्यान लगाएं। हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट लें और नियम से योग करें। इसके अलावा पूरी नींद लें और ज्यादा नशे से भी बचें। डायट्री सप्लीमेंट्स लेने से पहले फार्मासिस्ट, डायटीशियन और दूसरे हेल्थ केयर एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें।















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