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सावधान !!!! कहीं आप पानी मिला दूध तो नहीं ले रहे, डेयरी विकास बोर्ड की जाँच में आया दूध में 25% पानी

- अधिकतर डेयरी मालिक बेच रहे पानी भी दूध के भाव, दूध पाउडर का भी होता है उपयोग 

प्रदेश में दुधारू पशुओ से उपलब्ध होने वाले दूध की मात्रा से कहीं अधिक प्रदेश में है दूध की खपत
- स्वास्थ्य विभाग की जल्द हो सकती है कारवाही 
- विभाग के कई अधिकारिओ को मिलता है आर्थिक लाभ - सूत्र 

खबरनामा इंडिया ब्यूरो। कपूरथला, पंजाब 


सावधान !!!! अगर आप डेयरी से खुला दूध खरीद रहे है तो ध्यान दे! और उस दूध को एक बार जरूर चैक करवा लें। ताकि आपकों पता चल सके कि उस दूध में कितना पानी और कितना दूध या फिर अन्य कोई रसायन पदार्थ तो नही मिलाया गया है। जो अनजाने में आपकी और आपके बच्चों की सेहत को नुक्सान पहुंचा रहा हो। 


ऐसा ही एक मामला जिले में देखने को मिला है, जहां ग्राहक ने दूध की क्वालिटी को देखते हुए डेयरी मालिक से बढ़िया दूध बेचने की सलाह दी लेकिन दुकानदार ने उसकी बात को नजरअंदाज कर दिया। तब जागरूक ग्राहक ने उक्त डेयरी के दूध को पंजाब डेयरी विकास बोर्ड से चैक करवाया तो उसमे 25 प्रतिशत पानी की मात्रा पाई गई। इधर दुकानदार को जब इस बाबत बताया गया तो उसने डेयरी विकास की रिपोर्ट को झुठलाते हुए कहा कि पानी की प्रतिशतता नही बल्कि दूध की ग्रेविटी है। जितनी ग्रेविटी अधिक होगी दूध उतना ही बढ़िया होगा।


वहीँ सूत्रों की माने तो दूध प्रदेश में अधिकतर डेयरी वाले पानी के अलावा कई तरह के रासयन पदार्थ से भी सेंथेटिक दूध बनाते है। और विभाग के अधिकारिओ को कारवाही न करने और शांत बैठे रहने के लिए हर माह मोटा कथित आर्थिक लाभ भी दिया जाता है। सूत्र यह भी बताए है कि जितनी प्रदेश में जितने दुधारू पशु है उनसे उपलब्ध होने वाले दूध की मात्रा से कहीं अधिक प्रदेश में दूध की खपत है। 


कपूरथला में जालंधर रोड पर स्थित एक डेयरी से पिछले 2 वर्षो से उक्त ग्राहक दूध की खरीद रहा है। कभी कभी दूध की क्वालिटी में फर्क भी आय तो ग्राहक ने डेयरी मालिक को मौखिक तौर पर कहा तो उसने ग्राहक की बात को अनदेखा कर दिया। जिसके चलते हुए ग्राहक ने अब पंजाब डेयरी विकास बोर्ड के कार्यलय से दूध का सैंपल चैक करवाया। जहां पर अधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार कर बताया कि दूध में 25 प्रतिशत पानी की मात्रा है। जोकि बहुत ज्यादा है। लेकिन जब ग्राहक ने उक्त रिपोर्ट सबंधी डेयरी मालिक को बताया तो उसने  अपनी गलती सुधरने की बजाय ग्राहक को 50 रुपए किलो की बजाए 60 रुपए किलो वाला दूध खरीद की सलाह दे दी।

 
- क्या कहना है डेयरी मालिक बोलै बोर्ड की रिपोर्ट झूठी 

इस सबंधी उक्त डेयरी मालिक से बात हुई तो उसने अपनी सफाई में कहा कि पंजाब डेयरी विकास बोर्ड द्वारा जारी की गई रिपोर्ट झूठी है। उनके पास भी दूध चैक करने की मशीन है। बोर्ड द्वारा दी गई रिपोर्ट में पानी की जो मात्रा 25 प्रतिशत बताई गई है वह दूध की ग्रेविटी है। 
इधर पंजाब डेयरी विकास के डिप्टी डायरेक्टर का दविंदर सिंह का कहना है जो लोग डेयरी से दूध खरीदते है खुद की जागरुकता के लिए दूध को चैक जरुर करवाए। वहीँ फ़ूड सेफ्टी विभाग के सहायक कमिश्नर डॉ हरजोतपाल में फ़ोन नहीं उठाया। 



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