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BREAKING NEWS ---- आंतकवादी घोषित गुरपतवंत सिंह पन्नू के साथी जोगिन्दर सिंह गुज्जर के पक्ष में उतरे विधायक खेहरा

- खेहरा ने सीएम को लिखे पत्र में कहा -- पुलिस ने फर्जी सुबूतों के आधार पर गुज्जर को गिरफ्तार किया 
 - 65 वर्षीय गुज्जर 18 साल से इटली में रह रहा, और बिलकुल अनपढ़ है
 खबरनामा इंडिया ब्यूरो। भुलत्थ, कपूरथला, पंजाब
 
विधायक सुखपाल सिंह खेहरा जोगिन्दर सिंह गुज्जर की पत्नी से सहानुभूति प्रकट करते हुए -- फोटो - बब्लू 
सिख फॉर जस्टिस के कानूनी सलाहकार और हाल ही में सरकार द्वारा आंतकवादी घोषित किये गए गुरपतवंत सिंह पन्नू के संगठन के एक्टिव सदस्य जोगिंदर सिंह गुज्जर उर्फ गोगा को भुलत्थ पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर हिरासत में लिए जाने के मामले में पूर्व विपक्ष नेता और भुलत्थ क्षेत्र से विधायक सुखपाल सिंह खेहरा खुलकर गुज्जर के समर्थन में उतर आये हैँ। और सीएम पंजाब को एक पत्र लिखकर गुज्जर को झूठे केस में फंसाए जाने के आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में पुलिस ने बिल्कुल फर्जी सुबूतों के आधार पर गुज्जर को गिरफ्तार किया है। जबकि 65 वर्षीय गुज्जर का अधिकतर जीवन इटली में बीता और वह बिल्कुल अनपढ़ व्यक्ति है। वहीँ इस समय वह दिल की बीमारी से भी पीड़ित है। लेकिन पंजाब पुलिस ने उसे नए लागू यूएपीए कानून के तहत आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता और भारत के खिलाफ आंदोलन की साजिश करने का आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया है। यह ईमेल खेहरा ने प्रेस को भी भेजी है।
क्लिक करके देखे सीएम को लिखी ईमेल में क्या लिखा है -----





खेहरा ने सीएम पंजाब कैप्टन अमरिंदर सिंह को संबोधित करते हुए ईमेल में कहा कि भुलत्थ के प्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र से संबंधित मामला उनके ध्यान में लाना अपना नैतिक कर्तव्य है। और उक्त मामले की हकीकत यह है कि जो 65 वर्षीय जोगिंदर सिंह गुज्जर 18 साल से इटली में रह रहा था। वह बिलकुल अनपढ़ है और दिल का मरीज भी है। उसका कोई भी आपराधिक रिकार्ड नहीं हैँ।

गुज्जर के गांव की पंचायत, गांव वासिओ और परिजनों ने उनसे संपर्क करके गुज्जर के बेकूसर होने का दावा किया है। खेहरा ने कहा कि 01 नवंबर 2019 को जिनेवा की कंन्वेंशन में उसने हिस्सा लिया था, जिसकी फोटो से ही उसका वह साधारण सा दर्शक दिख रहा है। उस पर गुरुद्वारा साहिब में एक शख्स को सिरोपा देना और एक जालंधर के व्यक्ति को करीब 200 यूरो यानी करीब 15000 रुपये की नाममात्र रकम ट्रांसफर करने के आरोप हैँ।  जो उसने ट्रांसफर किए भी नहीं हैं।


खेहरा ने सीएम को आगे लिखा कि गुज्जर की पृष्ठभूमि व उसकी सेहत को ध्यान में रखते हुए उसके ख़िलाफ़ किसी पक्ष से भी ऐसी सख़्त कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए थी। जिनेवा कंवैन्शन में हिस्सा लेना, सिरोपा देना और नाममात्र 200 यूरो (15 हजार रुपये) ट्रांसफर किये जाने की फोटो रखना गलत और देश विरोधी हो सकता है। लेकिन बिना किसी आपराधिक पृष्टभूमि वाले ऐसे अनपढ़ 65 वर्षीय दिल के मरीज़ बुजुर्ग को ऐसे तानाशाही कानून के अंतर्गत गिरफ़्तार किए जाने को क्या आप जायज समझते हो ? 
खेहरा ने आगे कहा कि सच यह है कि उक्त मामला सिखों को टारगेट करके अपमानित और आतंकवादी का लेबल लगाने के लिए केंद्रीय एजेंसियाँ और पुलिस द्वारा सोची-समझी साजिश के तहत मामला दर्ज किया जाना ही है। पुलिस हिरासत में वह मर जाएगा या फिर दिल का मरीज होने के चलते कोरोना वायरस का शिकार हो जाएगा।
उन्होंने सीएम पंजाब को सबोधन करते हुए फिर कहा कि श्रीमान जी, जोगिंदर सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर में लगाए गए ऐसे फर्जी आरोप यदि भारत के खिलाफ जंग छेड़ने और आतंकी गतिविधियों में शरीक होना बताए जाते हैँ तो तो मैं (सुखपाल खेहरा ) बिना किसी शक के कह सकता हूँ कि पंजाब पुलिस की तरफ से क्रमवार दर्ज किये गए 15 मुकदमे सिखों को डराने, धमकाने, अपमानित और आतंकवादी का ठप्पा लगाने के लिए मनगढ़त कहानी है।  उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाने जाने की मांग के साथ-साथ यूएपीए कानून को भाजपा की और से अपने विरोधियों को दबाने के लिए इस्तेमाल किए जाने के संगीन आरोप भी लगाए हैँ।

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