विकास दुबे का एनकाउंटर --- अपराधी चला गया, लेकिन उन लोगों का क्या हुआ, जिन्होंने उसे और उसके अपराधों को संरक्षण दिया - विक्रांत राणा
- राजनेताओं और अपराधियों के बीच सांठ-गांठ सम्भव
- राजनीती में बढ़ता अपराधीकरण भी चिंता का विषय
खबरनामा इंडिया संवाददाता। जालंधर
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के डायरेक्टर लीगल सेल पंजाब एडवोकेट विक्रांत राणा ने कहा कि कानपुर में मारे गए आठ पुलिस कर्मियों को न्याय सुनिश्चित करने और अपराधी एवं आपराधिक राजनीतिक तत्वों के बीच सांठगांठ की पहचान करने के लिए यह उच्च-स्तरीय जांच आवश्यक है। इस तरह के कदमों से समाज अपराध मुक्त हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में भरोसा बहुत बड़ी अहमियत रखता है। जब तक प्रशासन लोगो में इन्साफ मिलने का भरोसा पैदा नहीं करेगा अपराधी यूँही बेखौफ अपराध करते रहेंगे।
राणा ने यह भी कहा की जिन्होंने विकास दुबे जैसे अपराधी की परवरिश की है उनकी असलियत सामने आनी चाहिए। जब तक राजनेताओं और अपराधियों के बीच की सांठ-गांठ सामने नहीं आती तब तक ऐसे अपराधी जन्म लेते रहेंगे।
राजनीती में बढ़ता अपराधीकरण चिंता का विषय अपराधी अब पहले से ज्यादा खूंखार हो गए हैं। उनका राजनीतिक संरक्षण उन्हें बचा लेता है। जेल जाएगा, कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी, कुछ दिन में लोग सब भूल जाएंगे। इसके बाद संरक्षण देने वाले भी विकास जैसे अपराधी को बचा लेंगे।
राणा ने कहा की लोकतंत्र में भरोसा बड़ी चीज है। जब तक प्रशाषण लोगो में इन्साफ मिलने का भरोसा उत्त्पन नहीं करेगा अपराधी बेखौफ अपराध करते रहेंगे।














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