मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों ने निकाली सरकार व सेहत मंत्री पर भड़ास
- कहा, पिछले 12 सालों से विभाग में ड्यूटी करने के बावजूद हीं किया जा रहा पक्का
- नामात्र दिया जा रहा मेहनताना, घर का गुजारा करना हुआ मुश्किल
- नामात्र दिया जा रहा मेहनताना, घर का गुजारा करना हुआ मुश्किल
- मांगे पूरी होने तक संघर्ष रहेगा जारी
खबरनामा इंडिया ब्यूरो। कपूरथला, पंजाब
खबरनामा इंडिया ब्यूरो। कपूरथला, पंजाब
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| photo - bablu |
मल्टीपर्पज हेल्थ इंप्लाइज यूनियन पंजाब और कांट्रेक्ट मल्टीपर्पज वर्कर्ज (वीमेन) यूनियन पंजाब की ओर से बनाई गई सेहत मुलाजिम संघर्ष कमेटी की ओर से लुधियाना मीटिंग के फैसले अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में दो दिन 6 व 7 जुलाई को सिविल सर्जन के मार्फत सेहत मंत्री को मांग पत्र भेजे गए।
कमेटी ने यह फैसला किया है कि पंजाब सरकार की जन विरोधी नीतियों का डटकर विरोध किया जाएगा। सेहतकिर्मयों ने स्वास्थ्य मंत्री को भेजे गए मांग पत्र में मांग की है कि एनएचएम 2211 और ठेका आधारित मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों को पक्का किया जाए। 1263 मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर मेल का प्रमोशन परीरियड दो वर्ष किया जाए व कोविड-19 के दौरान मल्टीपर्पज वर्करों की ओर से निभाई भूमिका के बदले सभी कैडर कर्मियों को स्पेशल इनक्रीमेंट दिया जाए। जत्थेबदी के नेताओं ने कहा कि मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर पिछले 12 सालों से विभाग में अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभा रही हैं लेकिन अभी तक सरकार ने उनको पक्का नहीं किया है।
इन वर्करों ने गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण से लेकर बच्चों का टीकाककरण समेत अन्य सेहत सुविधाएं लोगों को मुहैया करवाई। लेकिन सरकार ने इनकी अभी तक कोई सुध नही ली। जितना वेतन इन्हें दिया जा रहा है उससे घर का चूल्हा जलना भी मुशिकल हुआ पड़ा है। इसलिए अब संघर्ष कमेटी ने यह फैसला किया है कि जब तक कच्चे वर्करों को पक्का नहीं किया जाता, प्रवेशन पीरियड की शर्त दो साल नहीं की जाती तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

















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