विजिलेंस की कारवाही --- 5 हजार की रिश्वत लेते पटवारी काबू , इंतकाल के लिए 10 हजार मांगे थे
- शिकायतकर्ता सुखजीत सिंह ने कोर्ट केस जीतने के बाद इंतकाल अपने नाम करवाने के लिए पटवारी को बोला तो पटवारी ने मांगे 10 हजार रुपए
खबरनामा इंडिया ब्यूरो। जालंधर, पंजाब
पंजाब के जालंधर में विजिलेंस टीम ने एक पटवारी को 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार कर लिया है। पटवारी पर आरोप है कि एक प्लॉट के इंतकाल के लिए 10 हजार रुपए की मांगे थे। पीड़ित किसान सुखजीत सिंह ने विजिलेंस की मदद लेते हुए 5 हजार में सौदा कर उसको रकम दे दी। वहीँ ट्रैप लगाकर बैठी विजिलेंस टीम ने मोके पर रकम लेते ही आरोपी नरिंदर सिंह को रंगे हाथो दबोच लिया। आरोपी को काेर्ट में पेश करने के बाद माननीय अदालत ने उसको जुडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। \
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता सुखजीत सिंह ने विजिलेंस विभाग को बताया कि वह खेती करता है। वर्ष 2014 में उसने 7 मरले का एक प्लॉट खरीदा था। जब वहां ट्यूबवेल लगवाने लगा तो मनजीत कौर नामक महिला ने उसे रोक दिया। इसके बाद सुखजीत सिंह ने कोर्ट में केस दायर कर दिया। जब कोर्ट का फैसला किसान सुखजीत सिंह के हक में आया तो फैसले की कॉपी लेकर इंतकाल अपने नाम करवाने के लिए सुखजीत सिंह पटवारी नरिंद्र सिंह के पास गया तो पटवारी ने इंतकाल चढाने के लिए उससे 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।
पटवारी द्वारा रिश्वत मांगने के बाद सुखजीत सिंह ने विजिलेंस की मदद ली। इसके बाद सुखजीत सिंह व पटवारी के बीच 5 हजार रुपए में सौदा तय हो गया। विजिलेंस टीम के द्वारा तैयारी पूरी कर लेने के बाद रुपए देने के लिए 7 जुलाई तय हुई। जब सुखजीत सिंह पटवारी नरिंद्र सिंह के पास पहुंचा तो वहां उसे 5 हजार रुपए लेते विजीलैंस ने रंगे हाथो दबोच लिया।
खबरनामा इंडिया ब्यूरो। जालंधर, पंजाब
पंजाब के जालंधर में विजिलेंस टीम ने एक पटवारी को 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार कर लिया है। पटवारी पर आरोप है कि एक प्लॉट के इंतकाल के लिए 10 हजार रुपए की मांगे थे। पीड़ित किसान सुखजीत सिंह ने विजिलेंस की मदद लेते हुए 5 हजार में सौदा कर उसको रकम दे दी। वहीँ ट्रैप लगाकर बैठी विजिलेंस टीम ने मोके पर रकम लेते ही आरोपी नरिंदर सिंह को रंगे हाथो दबोच लिया। आरोपी को काेर्ट में पेश करने के बाद माननीय अदालत ने उसको जुडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। \
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता सुखजीत सिंह ने विजिलेंस विभाग को बताया कि वह खेती करता है। वर्ष 2014 में उसने 7 मरले का एक प्लॉट खरीदा था। जब वहां ट्यूबवेल लगवाने लगा तो मनजीत कौर नामक महिला ने उसे रोक दिया। इसके बाद सुखजीत सिंह ने कोर्ट में केस दायर कर दिया। जब कोर्ट का फैसला किसान सुखजीत सिंह के हक में आया तो फैसले की कॉपी लेकर इंतकाल अपने नाम करवाने के लिए सुखजीत सिंह पटवारी नरिंद्र सिंह के पास गया तो पटवारी ने इंतकाल चढाने के लिए उससे 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।
पटवारी द्वारा रिश्वत मांगने के बाद सुखजीत सिंह ने विजिलेंस की मदद ली। इसके बाद सुखजीत सिंह व पटवारी के बीच 5 हजार रुपए में सौदा तय हो गया। विजिलेंस टीम के द्वारा तैयारी पूरी कर लेने के बाद रुपए देने के लिए 7 जुलाई तय हुई। जब सुखजीत सिंह पटवारी नरिंद्र सिंह के पास पहुंचा तो वहां उसे 5 हजार रुपए लेते विजीलैंस ने रंगे हाथो दबोच लिया।














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