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बहबल कलां गोलीकांड --- 1 जून 2015 को फरीदकोट के जवाहर सिंह वाला गांव से श्री गुरु ग्रंथ साहिब चुराने और बेअदबी करने के मामले में 7 डेरा प्रेमी किये गिरफ्तार

- घटना के बाद पैदा हुए तनाव के कारण तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी, फिर कैप्टन सरकार ने एसआईटी गठित कर दी

- एसआईटी और पंजाब पुलिस की सख्त कारवाही शुरू

खबरनामा इंडिया। फरीदकोट, पंजाब 
फाइल फोटो शोशल मिडिया
बहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड की जांच में गठित एसआईटी ने अब सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को पंजाब पुलिस ने गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप चुराने और बेअदबी के मामलों में 7 डेरा प्रेमियों को गिरफ्तार किया है। सूत्र यह भी बताते है कि यह डीआईजी रणबीर सिंह खटड़ा के नेतृत्व में बनी एसआईटी ने की हैं।
 बता दे कि 1 जून 2015 को फरीदकोट के जवाहर सिंह वाला गांव से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप चोरी हो जाने की घटना हुई थी।  और घटना के बाद राज्य में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई थी। फिर बाद में घटना के विरोध में बहबल कलां और कोटकपूरा में धरने पर बैठे लोगों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने फायरिंग की तो इसमें दो लोगों की जान भी चली गई थी। 
फरीदकोट के बाजाखाना पुलिस स्टेशन में चोरी और बेअदबी के संबंध में दर्ज इस केस के आधार पर अब शनिवार को एसआईटी ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।
घटना को लेकर में प्रदेश की भी कई तरह के उतार चढ़ाव होते रहे है। पहले तत्कालीन बादल सरकार ने सीबीआई को मामले की जाँच का जिम्मा सौंपा था। लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने बाद में केस सीबीआई से लेकर खटड़ा की टीम को सौंप दिया। एक तरफ जहां सीबीआई ने आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी। वहीं अब एसआईटी की जांच को बहुत अहम मानते हुए कार्यवाही की जा रही है।  

जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोग सुखजिंदर सिंह, नरिंदर शर्मा, नीला, बलजीत सिंह, भोला, निशान सिंह और रणजीत फरीदकोट वासी हैं। बताया जा रहा है कि गिफ्तार किये गए सभी आरोपी डेरा प्रेमी हैं। बताने योग्य है कि कि इस मामले को लेकर पहले से ही शक की सुई डेरे की तरफ घूमती रही है। और 2018 में ही खटड़ा के नेतृत्व वाली एसआईटी 20 लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। जिनमे से एक डेरा प्रेमी महेंद्र पाल बिट्टू की 2019 में नाभा जेल में हत्या कर दी थी।


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