सीडीएस और सेनाध्यक्षों के साथ मीटिंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना को दी पूरी छूट
- चीन के किसी भी दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए सेना पूरी तरह से तैयार रहे
- सेना के लिए जारी हुआ 500 करोड़ का एमरजेंसी फण्ड
- फॉरवर्ड फ्रंट पर तैनात होंगे आईटीबीपी के 2000 जवान
- सेना के लिए जारी हुआ 500 करोड़ का एमरजेंसी फण्ड
- फॉरवर्ड फ्रंट पर तैनात होंगे आईटीबीपी के 2000 जवान
वहीँ सूत्रों ने रक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक के उपरांत यह भी बताया कि सशस्त्र बलों को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की सेना के किसी भी प्रकार के आक्रामक रवैये से निपटने के लिए पूरी छूट दे दी गई है। सूत्रों ने यह भी बताय है कि भारतीय बलों को पूर्वी लद्दाख और अन्य सेक्टरों में चीन के किसी भी दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने को कहा गया है। और चीन की गतिविधिओ पर नजर रखने को भी कहा गया है।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन के साथ लगती सीमा की रक्षा के लिए भारत अब से अलग रणनीति के तरीके अपनाएगा। उन्होंने शीर्ष सैन्य अधिकारियों को जमीनी सीमा, हवाई क्षेत्र और रणनीतिक समुद्री मार्गों में चीन की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के भी निर्देश दिए।
- सेना के लिए जारी हुआ 500 करोड़ का एमरजेंसी फण्ड
- सेना के लिए जारी हुआ 500 करोड़ का एमरजेंसी फण्ड
चीन के साथ वास्तविक सीमा रेखा पर तनाव के चलते रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं के लिए 500 करोड़ पर के एमरजैंसी फंड भी जारी कर हथियार खरीदने की छूट दे दी है। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि तीनों सेनाओं के वाइस चीफ को जरूरी हथियार फास्ट्रेक सिस्टम के तहत खरीदने के लिए यह 500 करोड़ रुपए दिए गए हैं। पूर्वी लद्दाख में चीनी सेनाओं की तरफ से अतिक्रमण चीनी सेनाओं को सीमा रेखा पर तैनात किया जा रहा है। उसके बाद से ही सेनाओं द्वारा सरकार को हथियारों की जरूरत महसूस करवाई जा रही थी।
- फॉरवर्ड फ्रंट पर तैनात होंगे आईटीबीपी के 2000 जवान
लद्दाख में चीन के साथ तनाव को देखते हुए आईटीबीपी के 2000 जवान वास्तविक रेखा (एलसी) पर फ्रंट लाइन में तैनात किए जा सकते हैं। ताकि सीमा पर पूरी तरह निगरानी की जा सके। लद्दाख की स्थिति को देखते हुए पूरे देश में आईटीबीपी के विभिन्न स्थानों पर तैनात जवानों को वापस बुलाया जा रहा है।










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