- शहीद सतनाम सिंह फौजी भाई बोला -वक्त मिला तो चीन से बदला लेंगे
- चीनी सैनिकों के हमले में शहीद गुरदासपुर के नायब सूबेदार सतनाम सिंह भाई भी फौजी
- शहीद के 2 बच्चे हैं, वहीं छोटा भाई सुखचैन सिंह भी सूबेदार
खबरनामा इंडिया। ( रवि शर्मा ) गुरदासपुर, पंजाब
शहीद सतनाम सिंह की फाइल फोटो
शहीद का भाई सूबेदार सुखचैन सिंह
लद्दाख
में भारत चीन सीमा पर चीनी सैनिकों के साथ झड़प में शहीद हुए भारत के 20 शहीदों
में चार शहीद पंजाब के हैं और इनमें से एक पंजाब के गुरदासपुर नायब सूबेदार सतनाम सिंह भी
है। इन चार शहीदों की शहादत की खबर के बाद पूरे पंजाब को शोक के माहौल में बदल दिया है। वहीं गुरदासपुर के शहीद सतनाम सिंह के छोटे भाई सुखचैन सिंह जो फौजी है, को जहाँ भाई की शहादत का गम है वहीँ चीन के खिलाफ गुस्सा भी जाहिर हो रहा है। उसका कहना है कि अगर वक्त मिला तो भाई की शहादत का बदला जरूर लेगा। बता दे कि सोमवार की रात चीनी सैनिकों द्वारा धोखे से किए गए नुकीले हथियारों के हमले में शहीद हुए नायब सूबेदार सतनाम सिंह गुरदासपुर जिले के गांव भोजराज से हैं। उनके सिर पर गंभीर चोट लगने की वजह से वह दुश्मन से लोहा लेते हुए दम तोड़ गए। शहीद के 2 बच्चे हैं, वहीं छोटा भाई सुखचैन सिंह भी फौज में फौज में सूबेदार है।
शहीद के भाई सुखचैन सिंह ने बताया कि उन्हें कल फोन आया था। जिसमें बड़े भाई की सिर में चोट लगने से शहीद हो जाने की सूचना मिली। जब से पता चला है भाभी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह खुद भी देश के सिपाही हैं और अगर मौका मिला तो अपने भाई की शहादत का बदला जरूर लेंगे। और चीन को सबक सिखायेंगे।











No comments