कपूरथला में फूड सेफ्टी विंग की स्पेशल इंस्पेक्शन ड्राइव ....
- 5 फूड बिजनेस यूनिट्स की जांच, गंदगी पर 1 चालान और कमियों पर 2 इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
त्योहारों के मौसम को देखते हुए कपूरथला जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फूड सेफ्टी विंग की ओर से स्पेशल इंस्पेक्शन ड्राइव चलाई जा रही है। कमलप्रीत कौर बराड़, कमिश्नर, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, आकाश बंसल, डिप्टी कमिश्नर कपूरथला और डॉ. राजीव पराशर, सिविल सर्जन कपूरथला के निर्देशों पर यह अभियान चलाया जा रहा है।
असिस्टेंट कमिश्नर (फूड) हरजोत पाल सिंह की देखरेख में फगवाड़ा क्षेत्र में आज कुल 5 फूड बिजनेस यूनिट्स की जांच की गई। इनमें 3 मिठाई की दुकानें और 2 बेकरी यूनिट्स शामिल थीं। टीम ने दुकानों में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के स्टोरेज, कच्चे माल की गुणवत्ता और अन्य फूड सेफ्टी मानकों की विस्तार से जांच की।
इंस्पेक्शन के दौरान गंदगी पाए जाने पर 1 चालान जारी किया गया, जबकि नियमों के पालन में कमियां मिलने पर 2 इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए गए। संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को फूड सेफ्टी मानकों का सख्ती से पालन करने तथा गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (GMP) और गुड हाइजीन प्रैक्टिसेज (GHP) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
हलवाइयों और बेकरी संचालकों को दिए जरूरी निर्देश
अभियान के दौरान हलवाई और बेकरी संचालकों को साफ-सफाई को लेकर विशेष हिदायतें दी गईं। उन्हें दुकानों और उत्पादन स्थलों को साफ रखने, ढक्कन वाले डस्टबिन का इस्तेमाल करने तथा कचरा खुले में या सड़क पर नहीं फेंकने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा काम के दौरान ग्लव्स, हेड कैप और साफ कपड़े पहनने के लिए भी कहा गया।
फूड कारोबारियों को कच्चा माल केवल भरोसेमंद स्रोतों से खरीदने और उसकी खरीद से संबंधित बिल व रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की हिदायत दी गई। साथ ही कच्चे और खाने के लिए तैयार खाद्य पदार्थों को अलग रखने तथा खाद्य सामग्री को धूल, मक्खियों, कीड़ों और अन्य गंदगी से बचाकर रखने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों में केवल मंजूरशुदा फूड एडिटिव्स और निर्धारित सीमा के भीतर रंगों का इस्तेमाल करने को कहा। बिना अनुमति किसी भी पदार्थ का इस्तेमाल नहीं करने तथा रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों को ढककर रखने की हिदायत दी गई। जरूरत के अनुसार ही खाद्य पदार्थ तैयार करने को कहा गया, ताकि लंबे समय तक स्टोरेज के कारण उनकी गुणवत्ता प्रभावित न हो।
FSSAI लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन जरूरी
सभी फूड बिजनेस संचालकों को अपने कारोबार की प्रकृति और लागू नियमों के अनुसार FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उन्हें अपने लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की वैधता सुनिश्चित करने और उसे प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
फूड सेफ्टी विंग ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह इंस्पेक्शन अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और इसके तहत बने नियमों के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंस्पेक्शन टीम में असिस्टेंट कमिश्नर (फूड) हरजोत पाल सिंह और फूड सेफ्टी ऑफिसर महक सैनी शामिल थीं।
डिप्टी कमिश्नर कपूरथला ने सभी फूड बिजनेस संचालकों से अपील की कि वे अच्छी गुणवत्ता का कच्चा माल इस्तेमाल करें, साफ-सुथरे वातावरण में खाद्य पदार्थ तैयार करें और तैयार खाद्य सामग्री को हमेशा ढककर रखें, ताकि लोगों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो सके।



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