ब्रेकिंग न्यूज़

कपूरथला में हार्डवेयर दुकानदार साइबर ठगी का शिकार....

फेसबुक अपडेट के बाद मोबाइल हुआ ब्लैक, कुछ घंटे बाद बैंक खाते से उड़ गए 46 हजार रुपये

- बिना OTP के खाते से निकल गई लगभग पूरी रकम  

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला    

कपूरथला के कस्बा काला संघियां में हार्डवेयर की दुकान चलाने वाला एक व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो गया। साइबर ठगों ने उसके बैंक खाते से करीब 46 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित का दावा है कि उसके खाते से रकम निकालने के दौरान उसे किसी तरह का OTP भी प्राप्त नहीं हुआ। घटना के बाद पीड़ित ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ साइबर क्राइम सेल कपूरथला में भी शिकायत दी है, लेकिन अभी तक उसकी रकम वापस नहीं हो सकी है। 

पीड़ित गुरदावर सिंह बस्सण ने बताया कि वह अपने मोबाइल फो न पर फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर फोन को अपडेट करने से संबंधित एक विकल्प दिखाई दिया। उन्होंने उस समय मोबाइल को एक तरफ रख दिया। कुछ देर बाद जब उन्होंने मोबाइल की ओर देखा तो उसकी स्क्रीन ब्लैक हो चुकी थी।

गुरदावर सिंह के अनुसार, उन्होंने इस घटना को उस समय ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन कुछ घंटे बाद जब उन्होंने गूगल पे के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने का प्रयास किया, तो उन्हें पता चला कि उनके बैंक खाते से करीब 46 हजार रुपये गायब हो चुके हैं। उनके मुताबिक खाते में लगभग इतनी ही रकम मौजूद थी और साइबर ठगों ने लगभग पूरी राशि निकाल ली, जबकि खाते में कुछ रुपये ही शेष रह गए।

घटना का पता चलते ही उन्होंने इसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही साइबर क्राइम सेल कपूरथला में भी मामले की शिकायत दी गई। पीड़ित का कहना है कि शिकायत किए जाने के बावजूद अभी तक न तो उनकी रकम वापस मिली है और न ही उन्हें मामले में कोई ठोस राहत मिल सकी है।

पीड़ित गुरदावर सिंह ने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि देश में डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते से बिना OTP के ही पूरी रकम निकल जाती है, तो यह ऑनलाइन बैंकिंग की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आम लोग अपनी मेहनत की कमाई को बैंक खातों में सुरक्षित समझकर रखते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं उनकी चिंता बढ़ा रही हैं।

गुरदावर सिंह ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर संबंधित केनरा बैंक से भी संपर्क किया। बैंक की ओर से उन्हें बताया गया कि जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई है, वह अर्नव शर्मा पुत्र विवेकानंद शर्मा के नाम पर चल रहा है। हालांकि, गूगल पे के माध्यम से हुए ट्रांजेक्शन के कारण बैंक को संबंधित व्यक्ति का पूरा पता उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

घटना के बाद काला संघियां क्षेत्र के दुकानदारों में भी रोष है। दुकानदारों ने पुलिस प्रशासन और साइबर क्राइम सेल से मांग की है कि साइबर ठगी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों तक पहुंचा जाए और पीड़ित की मेहनत की कमाई वापस दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।

दुकानदारों का कहना है कि ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ साइबर अपराधियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई किए जाने की जरूरत है, ताकि आम लोगों का डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके। 

No comments