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मोदी सरकार में हाईवे और रेलवे का तेजी से हुआ कायाकल्प-- उमेश शारदा

- सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के संचालन से आधुनिक सुविधाओं, तेज और बेहतर रेल सेवा मिल रही  

खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला    

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हाईवे, एक्सप्रेस-वे और रेलवे के बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह शब्द भाजपा प्रदेश कार्यकारणी सदस्य उमेश शारदा ने कहे है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस गति से सड़क और रेल परियोजनाएं पूरी की जा रही हैं, उससे दुनिया के कई बड़े देश भी भारत की प्रगति को देखकर हैरान हैं। 

उमेश शारदा ने कहा कि हाईवे और रेलवे नेटवर्क के विस्तार के क्षेत्र में पिछले वर्षों के दौरान क्रांतिकारी काम हुआ है। एक्सप्रेस-वे निर्माण की गति में भारत ने नए रिकॉर्ड कायम किए हैं। उन्होंने कहा कि 1950 से 2015 तक 65 वर्षों में जितने राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे लाइनें विकसित हुईं, आज उसी से अधिक परियोजनाएं तेजी से पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

उमेश शारदा ने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारतीय रेलवे का अभूतपूर्व कायाकल्प हुआ है। आधुनिक वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की शुरुआत, ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण, नए रेलवे ट्रैक बिछाने और स्टेशनों के पुनर्विकास जैसे कार्यों ने रेल यात्रा का स्वरूप बदल दिया है।

उन्होंने कहा कि सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ तेज और बेहतर रेल सेवा मिल रही है। वहीं, रेलवे विद्युतीकरण से डीजल पर निर्भरता कम होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। 

उमेश शारदा के अनुसार अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के सैकड़ों रेलवे स्टेशनों का आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें वाई-फाई, लिफ्ट, एस्केलेटर और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ के विस्तार तथा मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग को समाप्त करने से रेल सुरक्षा को भी मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि नए रेलवे ट्रैक, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं के कारण माल ढुलाई की क्षमता बढ़ी है और यात्री ट्रेनों के संचालन को भी बेहतर बनाने में मदद मिली है।

पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए उमेश शारदा ने आरोप लगाया कि पहले रेलवे को राजनीतिक स्वार्थों का अखाड़ा बना दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे भर्तियों में राजनीति और भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे तथा राजनीतिक हितों के चलते ऐसी कई ट्रेनें घोषित की गईं, जिनका संचालन तक नहीं हो पाया।

उन्होंने कहा कि रेलवे की सुरक्षा, प्लेटफार्मों की स्वच्छता और यात्रियों की सुविधाओं को भी लंबे समय तक पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिली। उनका आरोप था कि गरीब लोगों की जमीन लेकर उन्हें रेलवे में नौकरी देने के नाम पर भी राजनीति की गई।

उमेश शारदा ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद जब देश में स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनी, तब रेलवे सहित बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में तेजी से बदलाव शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि राजनीतिक सौदेबाजी का दबाव कम होने के बाद रेलवे ने आधुनिकीकरण और विस्तार की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए। उन्होंने कहा कि आज भारतीय रेलवे आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा, नई ट्रेनों और विकसित हो रहे स्टेशनों के साथ नए दौर में प्रवेश कर चुका है। 

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