RCFEU ने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा ....
- सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ बुलंद
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
रेल कोच फैक्टरी ईम्प्लाईज यूनियन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे छात्रों एवं युवाओं पर केंद्र सरकार तथा दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है।
यूनियन ने इस पुलिसिया कार्रवाई को लोकतंत्र पर सीधा हमला और सरकार का चरम तानाशाही रवैया करार दिया है। देश भर से एकत्रित हुए ये युवा छात्र NEET परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई धांधलियों के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे थे, साथ ही लद्दाख के पर्यावरण, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत प्रख्यात शिक्षाविद एवं समाज सुधारक सोनम वांगचुक के समर्थन में सत्याग्रह पर बैठे थे।
अत्यंत दुखद बात यह है कि जब युवा अत्यंत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे, तब सरकार ने बातचीत का रास्ता अपनाने के बजाय उन पर लाठियां बरसाकर उनकी आवाज को दबाने का शर्मनाक प्रयास किया।
इस घटना पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए आरसीएफ ईम्प्लाईज यूनियन के महासचिव सर्बजीत सिंह ने कहा कि अपने हक और देश के सुनहरे भविष्य की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे निर्दोष छात्रों पर लाठियां बरसाना सरकार की बौखलाहट और तानाशाही मानसिकता को पूरी तरह से उजागर करता है। NEET परीक्षा घोटाला देश के लाखों होनहार युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है, जबकि सोनम वांगचुक देश की सीमाओं, पर्यावरण और संवैधानिक अधिकारों की बात कर रहे हैं।
भारत जैसे महान और लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक और संवैधानिक अधिकार है। युवाओं की इस जायज आवाज को पुलिस के बल और लाठियों के दम पर दबाने की कोशिश कभी सफल नहीं हो सकती। आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन इस मुश्किल और संघर्षपूर्ण समय में पूरी मजबूती के साथ छात्रों और सोनम वांगचुक जी के साथ खड़ी है।
इसी क्रम में सरकार की दमनकारी नीतियों पर हमला बोलते हुए आरसीएफ ईम्प्लाईज यूनियन के प्रधान अमरीक सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह बेहद शर्मनाक और अफसोसजनक स्थिति है कि जब देश के भावी डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और होनहार युवाओं को न्याय मिलना चाहिए था, तब सरकार उन पर बर्बरतापूर्वक पुलिसिया बल का प्रयोग कर रही है।
सोनम वांगचुक के समर्थन में सत्याग्रह कर रहे छात्र न केवल लद्दाख, बल्कि पूरे देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को युवाओं पर इस तरह की दमनकारी नीतियां तुरंत बंद करनी चाहिए। लाठीचार्ज के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, घायल छात्रों का नि:शुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाए और NEET परीक्षा में व्याप्त तमाम गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराकर छात्रों की मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाए। साथ ही गिरफ्तार किए गए सभी प्रदर्शनकारी छात्रों को अविलंब रिहा किया जाए।
यूनियन के दोनों शीर्ष नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में सरकार को आगाह किया कि यदि युवाओं, छात्रों और आम जनता की लोकतांत्रिक आवाज को इसी प्रकार तानाशाही रवैये से कुचलने का प्रयास जारी रहा, तो देश का संपूर्ण मजदूर, किसान और कर्मचारी वर्ग चुप नहीं बैठेगा। आरसीएफ ईम्प्लाईज यूनियन देश भर के अन्य जनसंगठनों को इस अन्याय और तानाशाही के खिलाफ एक व्यापक और निर्णायक आंदोलन खड़ा करने के लिए अपील की ताकि सरकार और प्रशासन इस प्रकार के कुकृत्य करने से रोका जा सके।



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