LADC प्रणाली के विरोध में वकीलों की भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी ....
- महिला वकीलों, DC दफ्तर कर्मचारियों और क्लर्कों का मिला समर्थन
खबरनामा इंडिया बबलू। कपूरथला
लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) प्रणाली के विरोध में जिला बार एसोसिएशन, कपूरथला द्वारा शुरू किया गया आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भूख हड़ताल के तीसरे दिन महिला वकीलों की सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ विभिन्न कर्मचारी संगठनों और वकीलों के क्लर्कों के समर्थन ने आंदोलन को नई मजबूती प्रदान की।
आज महिला वकीलों ने बड़ी संख्या में हड़ताल में भाग लेकर वकील समुदाय की एकजुटता का प्रदर्शन किया। वहीं, डीसी कार्यालय कर्मचारी यूनियन, पंजाब के स्टेट जनरल सेक्रेटरी नरिंदर सिंह चीमा, जिला प्रधान हरप्रीत सिंह संधू तथा जिला जनरल सचिव सुखजिंदर सिंह अपने साथियों सहित धरना स्थल पर पहुंचे और वकीलों के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। इसके अलावा सुल्तानपुर लोधी और कपूरथला के वकीलों के क्लर्क भी औपचारिक रूप से आंदोलन में शामिल हो गए।
तीसरे दिन भूख हड़ताल पर बैठे वकील
आज सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक निम्नलिखित अधिवक्ताओं ने सांकेतिक भूख हड़ताल की:
- एडवोकेट नितिन शर्मा
- एडवोकेट वरुण शर्मा
- एडवोकेट दीपिका शीतल
- एडवोकेट अमृतपाल
- एडवोकेट प्रदीप मेहता
- एडवोकेट पूजा नेगी
- एडवोकेट दीप्ति मारवाहा
आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे वकील
धरना स्थल पर करनवीर वशिष्ठ, माधव प्राशर, राजवीर, प्रिंस कौशल, हमीश कुमार, अनमोलदीप सिंह, टेक शरण शर्मा (हैरी), पियूष मंचंदा, हैरी शर्मा, जे.जे.एस. अरोड़ा, राजबीर बावा, संदीप सिंह वालिया, मनदीप तेजी, एम.आर. कालिया, एन.एस. नूर, परमजीत सिंह लिधड़, एस.पी.एस. खिंडा, दर्शन सिंह, सुखमिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
LADC प्रणाली समाप्त करने की मांग दोहराई
भूख हड़ताल पर बैठे एडवोकेट नितिन शर्मा ने कहा कि LADC प्रणाली के कारण नए वकीलों और भविष्य में वकालत के पेशे में आने वाले युवाओं के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था से अधिवक्ताओं का कार्यक्षेत्र लगातार सीमित हो रहा है, जिससे कई वकील पेशा छोड़ने की स्थिति में पहुंच रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत 24 घंटे की भूख हड़ताल, चंडीगढ़ और दिल्ली में प्रदर्शन तथा सरकार के खिलाफ घेराव जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एस.एस. मल्ही ने कहा कि विभिन्न कर्मचारी और सामाजिक संगठनों का समर्थन लगातार मिल रहा है, जिससे आंदोलन को बल मिला है। उन्होंने बताया कि आगे की रणनीति ज्वाइंट एक्शन कमेटी, चंडीगढ़ द्वारा तय की जाएगी और उसी के अनुरूप आंदोलन को 24 घंटे की भूख हड़ताल में परिवर्तित किया जाएगा।




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