कपूरथला मेयर चुनाव का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, आज होगी सुनवाई ....
- चुनाव रद्द करने की माग, रिकॉर्ड और वीडियो की तलब
खबरनामा इंडिया ब्यूरो। कपूरथला
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| AI Photo |
कपूरथला नगर निगम के मेयर चुनाव का विवाद अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। विधायक राणा गुरजीत सिंह और 26 कांग्रेसी पार्षदों द्वारा दायर याचिका में 8 जुलाई को हुए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को अवैध घोषित कर रद्द करने की मांग की गई है। मामले की सुनवाई आज 14 जुलाई को माननीय हाईकोर्ट में होनी है।
माननीय जस्टिस दीपक सिब्बल और जस्टिस रुपिंदर चाहल की खंडपीठ ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए 8 जुलाई को हुई नगर निगम की पहली बैठक और चुनाव पर्किर्या का पूरा रिकॉर्ड, कार्यवाही और वीडियो रिकॉर्डिंग अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन मित्तल, अजय चड्ढा, कुणाल मूलवानी सहित अन्य वकीलों ने अदालत को बताया कि 26 मई 2026 को हुए नगर निगम चुनाव में 50 वार्डों में कांग्रेस और उसके समर्थित उम्मीदवारों को स्पष्ट बहुमत मिला था। निगम में विधायक सहित कुल 51 मतदाता हैं, जिनमें मौजूदा विधायक सहित कांग्रेस के 27 और सत्तापक्ष और उनके समर्थित 24 पार्षद हैं। इसके बावजूद नगर निगम अधिनियम, 1976 के प्रावधानों के अनुसार पहली बैठक समय पर नहीं बुलाई गई।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि बैठक में जानबूझकर देरी कर बहुमत वाले पार्षदों पर दबाव बनाया गया तथा विरोध करने वालों को झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने की कथित धमकियां दी गईं। याचिका के अनुसार हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 8 जुलाई को पहली बैठक बुलाई गई, लेकिन शपथ ग्रहण के बाद केवल 24 पार्षदों वाले समूह को संबोधित किया गया।
आरोप यह भी है कि बहुमत वाले 27 पार्षदों को अपना उम्मीदवार प्रस्तावित करने का अवसर नहीं दिया गया और न ही मतदान कराया गया। इसके बावजूद अधिकारी ने मेयर के निर्वाचित होने की घोषणा कर दी और बैठक स्थल छोड़ दिया। याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव भी नहीं कराया गया। साथ ही प्रशासन के निर्देशों के बावजूद पूरी बैठक की वीडियोग्राफी नहीं करवाई गई और केवल चुनिंदा हिस्सों की रिकॉर्डिंग की गई।
याचिका में पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज और चुनाव से संबंधित सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के साथ-साथ ऑब्जर्वर की निगरानी में निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से दोबारा चुनाव कराने की मांग की गई है।
मामले की प्राथमिक सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दोनों याचिकाओं पर नोटिस जारी कर पंजाब सरकार को 8 जुलाई की बैठक की पूरी कार्यवाही, सभी संबंधित रिकॉर्ड और संपूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग 14 जुलाई को अदालत में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।



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