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पंजाब के पानी को प्रदूषण से बचाने के लिए एकजुट होने का आह्वान-- स्पीकर संधवां

- पवित्र काली बेईं का मॉडल बुड्ढे दरिया को भी बदल देगा  

- पंजाब सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग कर भूजल बचा रहा-- मंत्री खुड्डियां 

- प्रकृति का संरक्षण करना आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी-- कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह

- राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का किया आह्वान  

खबरनामा इंडिया ब्यूरो। कपूरथला       

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने लोगों से जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया और चेतावनी दी कि पर्यावरण का लगातार हो रहा विनाश मानव अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा है।  

पवित्र काली बेईं की कार सेवा की 26वीं वर्षगांठ के समापन समारोह के अवसर पर बोलते हुए संधवां ने कहा कि पानी और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल पर्यावरणीय जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा नैतिक कर्तव्य भी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पानी जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। भूजल स्तर में चिंताजनक गिरावट और जल स्रोतों में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ये चुनौतियां करोड़ों लोगों को प्रभावित कर रही हैं और समाज द्वारा सामूहिक रूप से कदम उठाने की मांग करती हैं। 

संधवां ने कहा कि समर्पित स्वयंसेवकों के सहयोग से राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के नेतृत्व में पवित्र काली बेईं का शानदार पुनरुद्धार इतिहास में पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बना रहेगा। बुड्ढे दरिया को पुनर्जीवित करने के लिए चल रहे प्रयासों पर विश्वास जताते हुए उन्होंने कहा कि यह दरिया भी जल्द ही पवित्र काली बेईं जैसी सकारात्मक परिवर्तन का गवाह बनेगा। 

स्पीकर ने उद्योगों द्वारा जीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक को अनिवार्य रूप से अपनाने की भी वकालत की, ताकि जल स्रोतों में बिना उपचारित और जहरीले पानी के बहाव को रोका जा सके। उन्होंने आगे कहा, “जो लोग पानी को प्रदूषित करते हैं, वे मानवता के दुश्मन हैं, क्योंकि पानी प्रकृति की जीवनदायिनी शक्ति है।” 

संत सीचेवाल की पर्यावरण संरक्षण के प्रति जीवनभर की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए संधवां ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के उनके मिशन को हर संभव सहयोग दे रही है। 

गुरबाणी के श्लोक “पवनु गुरु पानी पिता माता धरति महतु” का हवाला देते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि सिख गुरुओं ने वायु को गुरु, पानी को पिता और धरती को महान माता का दर्जा दिया है, जो मानवता और प्रकृति के पवित्र संबंध को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति का सम्मान और संरक्षण करने की सीख दी थी, लेकिन मनुष्य इस जिम्मेदारी को निभाने में असफल रहा है। उन्होंने आगे कहा, “अब समय आ गया है कि हम अपने जीवन में गुरबाणी की शिक्षाओं को अपनाएं और पर्यावरण को बचाने का सामूहिक संकल्प लेकर पंजाब के प्राचीन गौरव को बहाल करें।” 

खुड्डियां ने कहा कि CM भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के प्रयासों से पंजाब ने उपलब्ध नहरी पानी का 80 प्रतिशत हिस्सा सिंचाई के लिए उपयोग करके एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिससे भूजल पर निर्भरता काफी हद तक कम हुई है। उन्होंने सीचेवाल मॉडल को गंदे पानी को प्राकृतिक रूप से साफ करने वाली एक टिकाऊ प्रणाली बताया और संत सीचेवाल द्वारा पवित्र काली बेईं के सफल पुनर-सुरजीती  तथा बुड्ढे दरिया को पुनर्जीवित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। 

इस दौरान जेल एवं एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि संत सीचेवाल जी ने अथक मेहनत और जनभागीदारी के बल पर पवित्र काली बेईं के कभी अत्यधिक प्रदूषित हो चुके पानी को उपयोग योग्य स्वच्छ पानी में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति को प्रदूषण से बचाना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चल रहे संरक्षण प्रयासों के कारण बुड्ढा दरिया भी जल्द ही प्रदूषण मुक्त हो जाएगा। 

अपने संबोधन में राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचवाल ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, कैबिनेट मंत्रियों, पर्यावरण प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों और हजारों श्रद्धालुओं का पर्यावरण आंदोलन को दिए गए अटूट सहयोग के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पवित्र काली बेईं का पुनर-सुरजीती सामूहिक प्रयासों, निस्वार्थ सेवा और परमात्मा की कृपा से ही संभव हो सका है। 

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नदियों, तालाबों, भूजल, जंगलों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करके पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाएं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक, उद्योगों और संस्थाओं से पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को अपनाने और प्रदूषण रोकने की अपील की। बुड्ढे दरिया को पुनर्जीवित करने के लिए चल रहे प्रयासों पर विश्वास जताते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि निरंतर जनभागीदारी और सरकारी सहयोग से यह दरिया भी जल्द ही अपनी पुरानी शान वापस हासिल कर लेगा। 

इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के सीनियर नेताओं में सुल्तानपुर लोधी के हलका इंचार्ज सज्जन सिंह चीमा, एसडीएम जसजीत सिंह और अन्य लोग भी उपस्थित थे। 

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